
रामपुर शहर में खुले नाले और खराब जलनिकासी व्यवस्था ने आठ वर्षीय मासूम अमान की जिंदगी छीन ली। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौटते समय बारिश के पानी से बचने के लिए वह सड़क किनारे चल रहा था। अचानक पैर फिसलने से वह खुले नाले में जा गिरा। नाले में पानी का बहाव तेज था। बाहर निकाले जाने तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
अमान शहर के मोहल्ला अजीतपुर निवासी जमीर खां का बेटा था। जमीर खां अहमदाबाद में रंगाई-पुताई का काम करते हैं और इन दिनों वहीं हैं। घर में मां नगमा, बड़े भाई अरमान और बड़ी बहन के साथ रहने वाला अमान एक पब्लिक स्कूल में नर्सरी का छात्र था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल की छुट्टी के बाद अन्य बच्चों के साथ घर जा रहे अमान ने सड़क पर जलभराव देखकर किनारे से कदम बढ़ाए। पैर फिसलने से वह नाले में गिर गया। आसपास के लोगों और दुकानदारों की सूचना पर पुलिस पहुंची और पालिका की टीम बुलाई। दो जेसीबी की मदद से नाले का कवर खोलकर करीब एक घंटे की तलाश के बाद बच्चे का शव एक सरिया के सहारे लटका मिला। उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां नगमा बदहवास हो गईं और बाथरूम में रखी तेजाब की बोतल से जान देने की कोशिश की। घर में मौजूद फूफी ने बोतल छीन ली, लेकिन तेजाब शरीर में पहुंचने से उनकी हालत बिगड़ गई। उन्हें जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर बताई है।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अजीतपुर इलाके में कई जगह नाला खुला है। नाले में बहाव काफी तेज था, जिससे बच्चे की डूबकर मौत हो गई।



