नही बजाया गया बच्चों के लिए डीजे

मेरठ : बवाली किशोरों की बात पर यकीन किया जाए तो उनके आक्रोश का कारण राजकीय बाल संपे्रक्षण गृह में संपे्रक्षण गृह के अधिक्षक का किशोरों के प्रति रूखा रवैया है। छत पर चढ़कर हंगामा कर रहे किशोरों ने मीडिया को बातचीत के लिए बुलाया। मीडिया से बात करते हुए छत पर चढ़े किशोरों ने बताया कि भले ही अधिकारी उन पर आए दिन का बवाल का आरोप लगाएं, लेकिन सच्चाई यह है कि संप्रेक्षण गृह में उनका उत्पीडऩ हो रहा है। कई किशोर ऐसे हैं, जिनकी जमानत हुए कई माह बीत चुके हैं, लेकिन भीतर ही पड़े हैं।

मात्र तसला चोरी के मामले मे छह माह से सचिन महेश बाल संपे्रक्षण गृह में बंद है। सुनवाई के नाम पर सिर्फ तारीख पर तारीख मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया सोमवार को संप्रेक्षण गृह में बंद इमरान नाम के किशोर को दौरा पड़ा, जिस पर अधिक्षक को सूचित किया गया तो उन्होंने एम्बूलेंस बुलाने से इंकार कर दिया और कहा कि मरता है तो मर जाने दो। उन्होंने डीजे मंगवाने वाली बात को गलत बताया है। आरोप है कि इसके बाद संप्रेक्षण गृह में रहने वाले बागपत के दबंग किशोरों ने देर रात अन्य किशोरों पर हमला कर दिया, जिसमें तरबेज नाम का किशोर चाकू लगने से घायल हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात किशोरों के फरार होने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उन पर हवाई फायरिंग भी की।

इसके बाद किशोर भड़क उठे और उन्होंनें हंगामा शुरू कर दिया। किशोरों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाले भोजन का स्तर काफी निम्न है, आटे में कीड़े निकलना आम बात है, कल से उन्हें पानी भी नसीब नहीं हुआ है। उन्होंने दो घंटे के भीतर व्यवस्थाएं न सुधारे जाने पर बाल संप्रेक्षण गृह को सिलेंडर से उड़ाने की धमकी दी।

दीवार, ग्रिल और सीसीटीवी कैमरे तोड़े, अग्निशमन यंत्र उखाड़ कर फेंके
संप्रेक्षण गृह के परिसर का नजारा बवाली किशोरों की वहशियत को बयान करने के लिए काफी था।
संवाददाता :- अक्षय कुमार

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