
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई अब इंटरनेट के जरिए भारतीय युवाओं को अपने जाल में फंसाने और उन्हें कट्टरपंथ और आतंकवादी गतिविधियों की ओर धकेलने की कोशिश कर रही है। इस पूरे नेटवर्क में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी सबसे आगे है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, शहजाद भट्टी मॉड्यूल के खिलाफ अब तक 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और इन मामलों में 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपियों से हथगोले और पेट्रोल बम बरामद किए गए
गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथगोले, विदेशी हथियारों की खेप और पेट्रोल बम बरामद किए गए। जांच के अनुसार, शहजाद भट्टी के अलावा, दाऊद इब्राहिम, मुन्ना झिंगारा और अजमल गुर्जर जैसे पाकिस्तान के अपराधियों के नामों का इस्तेमाल युवाओं को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को आसानी से पैसा कमाने, हथियार बनाने और विदेश में बसने जैसे प्रलोभन दिए जाते हैं। यह नेटवर्क पारंपरिक आतंकवादी संगठनों के सदस्यों के बजाय स्थानीय अपराधियों और बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता है जिनका कोई आतंकवादी रिकॉर्ड नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती
सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती यह है कि ऐसे गिरोहों में शामिल कई युवक पहली नजर में सामान्य प्रतीत होते हैं। उनका कोई पुराना आतंकवादी रिकॉर्ड नहीं होता। यही कारण है कि एजेंसियां अब सोशल मीडिया पर ऐसे नेटवर्क और पाकिस्तान से संचालित होने वाले अपराध-आतंकवाद गठजोड़ पर कड़ी नजर रख रही हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पाकिस्तान स्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी संगठन घोषित करने के बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।



