
नई दिल्ली। जुर्माने का शिकार होने के बाद गूगल, फेसबुक, याहू और माइक्रोसॉफ्ट ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी और चाइल्ड सेक्सुअल वाइलेंस से संबंधित कीवर्ड्स को ब्लॉक करने की शुरूआत कर दी है। आपको बताते चले कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने कई टेक कंपनियों पर लगभग एक लाख रूपये तक जुर्माना लगाया था औऱ चेतावनी दी थी। यह कंपनियों चाइल्ड पोर्ट को कंट्रोल करने का अपना प्लान कोर्ट को नही दे रहे थे, जिसके बाद कोर्ट ने यह कदम उठाया था।
अब आप चाइल्ड पोर्न जैसे कोई भी वर्ड इन साइटों पर डालेंगे तो वार्निंग आएगी न की आपकी इच्छा अनुसार कंटेंट। रिसल्ट में वार्निंग आती है और आपको चेताया जाता है कि यह भारतीय कानून के तहत गैरकानूनी है। इसी के साथ यहां पर आपको MHA के साइबरक्राइम पोर्टल को रिपोर्ट करने के लिए विकल्प भी दिया जाता है और चाइल्डलाइन हेल्पलाइन भी दी जाती है। इसे सिर्फ हिंदी औऱ इंग्लिश में ही नहीं बल्कि अन्य भाषओं में ब्लॉक किया गया है।
आपको बताते चले कि MHA ने तीन महीने पहले ही साइबरक्राइम पोर्टल को लॉन्च किया है। लांच हुए इस पोर्टल में बाल अपराधों को खत्म करने के लिए कई फीचर दिए गए हैं। इसमें ऑनलाइन सेक्सुअल एब्यूज, रेप, गैंग रेप, चाइल्ड एब्यूज और ऐसी ही किसी भी बाल अपराध की घटनाओं को रिपोर्ट किया जा सकता है।
भारतीय फुटबाल टीम चमत्कार कर सकती है : अतानू भट्टाचार्य
मई में सुप्रीम कोर्ट (SC) ने याहू, फेसबुक आयरलैंड, फेसबुक इंडिया, गूगल इंडिया, गूगल इंक, माइक्रोसॉफ्ट और वॉट्सऐप पर कोर्ट द्वारा जारी किए गए पिछले आदेश का पालन नहीं करने की वजह से जुर्माना लगाया था। पिछले आदेश के मुताबिक इन कंपनियों को कोर्ट को चाइल्ड पोर्न कंट्रोल करने को लेकर अपनी तैयारियों के बारे में कोर्ट को कोई जानकारी नहीं दी थी।