होटल के मालिक बुरी नज़र रखता था कर्मचारी की पत्नी पर , सुपारी देकर कराया मर्डर

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दक्षिण भारतीय होटल चेन सर्वना भवन के मालिक पी. राजगोपाल की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। लेकिन न्यायमूर्ति एन. वी. रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजगोपाल को समर्पण करने के लिए 7 जुलाई तक का समय दिया है। जहां राजगोपाल को एक कर्मचारी की हत्या का दोषी पाया गया था। वहीं राजगोपाल खुद उसकी पत्नी से शादी करना चाहता था।

मडर

बता दें की राजगोपाल ने सुपारी देकर अक्टूबर 2001 में महिला के पति की हत्या करा दी थी , निचली अदालत ने राजगोपाल को 10 साल की सजा दी थी, मद्रास हाई कोर्ट ने इसे उम्र कैद में बदल दिया था।

देशभर में 31 मार्च को होगा ‘मैं भी चौकीदार’ का आयोजन, पीएम मोदी करें सभा को…

लेकिन सुप्रीम हाई कोर्ट ने फैसले को बरकरार रखा है। जहां इस मामले में अन्य 5 लोगों को भी सजा सुनाई गई है। पी राजगोपाल अभी जमानत पर बाहर है। और उसने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी थी। लेकिन यह मामला देश के हाई प्रोफाइल मामलों में से एक माना जाता है। जहां 2001 में कर्मचारी प्रिंस शांताकुमार का अपहरण कर हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

जानिए क्या है पूरा मामला –

राजगोपाल जमानत पर जेल से बाहर है और उसे जुलाई तक सरेंडर करना है। लेकिन मद्रास हाई कोर्ट ने वर्ष 2009 में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। यह पूरा मामला काफी चर्चा में तब आया था, जब चर्चित रेस्टोरेंट सर्वना भवन के मालिक राजगोपाल और 8 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था।

जहां 18 वर्ष पूर्व राजगोपाल ने 8 लोगों को हत्या की सुपारी दी थी,  जिसके बाद कर्मचारी प्रिंस शांताकुमार की हत्या कर दी गई थी। प्रिंस शांताकुमार का विवाह उस महिला के साथ हुआ था जिससे खुद राजगोपाल विवाह करना चाहता था और उसे अपनी तीसरी पत्नी बनाना चाहता था।

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि राजगोपाल यह काम अपने ज्योतिषी की सलाह पर किया था। वहीं जब यह मामला दर्ज हुआ तो राजगोपाल को कोर्ट ने दोषी करार दिया. सेशन कोर्ट ने उसे 10 साल कैद की सजा सुनाई, शांताकुमार, जीवाज्योति का पति था जिससे पी राजगोपाल शादी करना चाहता था।

सर्वना भवन के मालिक पी राजगोपाल के लोगों ने पहले शांताकुमार का चेन्नई स्थित उसके घर से अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी. ये मामला अक्टूबर 2001 का है। प्रिंस शांताकुमार का मृत शरीर कोडाई पहाड़ियों के जंगल से उसी साल 31 अक्टूबर को पुलिस ने बरामद किया हैं। राजगोपाल के बेटे पी.आर. ने बताया कि मुझे अभी इस फैसले के बारे में एक एसएमएस मिला है , मुझे जानकारी नही हैं। सवर्ना भवन होटल चेन भारत के अलावा विदेशों में भी काफी लोकप्रिय है. इसका प्रबंधन अब शिवकुमार देखते हैं।

=>
LIVE TV