सियासी नाटक में तब आया नया मोड़, जब नेताओं ने किया ये बड़ा काम

कर्नाटक। कर्नाटक के सियासी नाटक में नया मोड़ आ गया है. सूबे में राजनीतिक हलचल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने पार्टी के सभी विधायकों को वापस बेंगलुरु बुलाया है.

बीएस येदियुरप्पा

कर्नाटक में विधायकों की खरोद-फरोख्त की खबरों के बीच इन बीजेपी विधायकों को राष्ट्रीय राजधानी से सटे गुरुग्राम के एक सात सितारा होटल में शिफ्ट किया गया था. सूबे में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और विपक्षी दल बीजेपी एक-दूसरे पर अपने-अपने विधायकों की खरीद-फरोख्त करने की कोशिश करने का आरोप लगा रहे हैं.

कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया द्वारा बीजेपी पर कांग्रेसी विधायकों के खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का आरोप लगाने के एक दिन बाद यह मामला सामने आया है. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी ने अपने विधायकों को बीजेपी की खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए एक रिजॉर्ट में शिफ्ट किया है.

224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस और जेडीएस के 118 विधायक हैं, जबकि बीजेपी के पास 104  विधायक हैं. 18 जनवरी को कांग्रेस के 4 असंतुष्ट विधायकों ने पार्टी की बैठक से गायब थे. यह बैठक बीजेपी के खिलाफ एकजुटता दिखाने के लिए बुलाई गई थी.

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हालांकि इन 4 कांग्रेस विधायकों के सरकार से समर्थन वापस लेने पर भी कुमारस्वामी सरकार को कोई खतरा नहीं हैं. क्योंकि 224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में बहुमत के लिए 113 सदस्यों की ही जरूरत है.

जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन का आरोप है कि कर्नाटक में विपक्षी दल बीजेपी मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं का आरोप है कि एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार विधायकों की खरीद-फरोख्त करके बीजेपी को तोड़ने का प्रयास कर रही है.

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि उसके 5 विधायक लापता हैं. कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने कर्नाटक में एक और ऑपरेशन लोटस लॉन्च किया है. आपको बता दें कि ऑपरेशन लोटस का इस्तेमाल सबसे पहले साल 2008 में हुआ था. उस समय बीजेपी पर आरोप लगाया गया था कि कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार को स्थिर रखने के लिए विपक्षी विधायकों को निशाना बनाया जा रहा है.

वहीं, बीजेपी विधायकों को गुरुग्राम से बेंगलुरु वापस बुलाए जाने पर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर करारा हमला बोला है. उन्होंने कहा, ‘यह शर्मनाक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और अमित शाह कर्नाटक की गठबंधन सरकार को अस्थिर करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. साथ ही कर्नाटक में असंवैधानिक तरीके से बीजेपी की सरकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं. आगामी लोकसभा चुनाव में जनता इनको सबक सिखाएगी.’

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उधर, कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. बेंगलुरु में उन्होंने कहा, ‘हमारे विधायक गुरुग्राम से बेंगलुरु वापस लौट रहे हैं.

हम राज्य का दौरा करेंगे और सूखे की स्थिति का जायजा लेंगे. हम किसी भी कीमत पर कर्नाटक की मौजूदा सरकार को अस्थिर नहीं करेंगे. कांग्रेस और जेडीएस को इस संबंध में चिंता करने की जरूरत नहीं है.

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