सरकारी भवनों, डिवाइडर पर विज्ञापन चिपकानें वालों की खैर नहीं, नगर निगम ने उठाया ये कदम

Reporter – Awanish kumar

लखनऊ – सरकारी भवनों की दीवारों या डिवाइडर पर बैनर-पोस्टर लगाने वालों की अब खैर नहीं है, जो भी व्यक्ति ऐसा करते हुए पाया जाएगा, उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। नगर निगम की ओर सभी जोनल अधिकारियों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीँ प्लास्टिक के इस्तेमाल पर आम नागरिक पर जुर्माना और इसका उपयोग न करने की शपथ भी दिलाई जाएगी।

लखनऊ नगर निगम प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि लोक संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत दोषी व्यक्ति के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सभी जोनल अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि हर हाल में दोषी व्यक्ति के विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाए, साथ ही इसकी एक प्रति निगम प्रशासन को भी दी जाए। नगर निगम प्रशासन की ओर से सरकारी कार्यालयों, डिवाइडर इत्यादि पर वॉल पेंटिंग बनाने वालों के खिलाफ भी ठोस एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस बाबत भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

वहीँ अगर कोई व्यक्ति पॉलीथिन ले जाता मिलता है तो उस पर तत्काल स्पॉट फाइन किया जाएगा, यह राशि 500 रुपये तक होगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति को दोबारा पॉलीथिन यूज न करने संबंधी शपथ भी दिलाई जाएगी।

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उसको यह भी संकल्प दिलाया जाएगा कि वह कम से कम दस लोगों को पॉलीथिन यूज न करने के लिए जागरुक करें। मामले में अपर नगर आयुक्त अमित सिंह ने कहा की सभी जोनल अधिकारीयों को निर्देश दिया जा चूका है, पॉलीथिन पर रोक के लिए दो अक्टूबर से व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया जायेगा।

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