मलाला नोबेल शांति पुरस्कार लायक नहीं

नई दिल्ली। आध्यातमिक गरु श्री श्री रविशंकर ने मलाला युसुफजई को नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है‍ कि उस लड़की ने (मलाला) ऐसे कुछ भी नहीं किया, जिसकी वजह से उसे नोबेल पुरस्कार दिया जाए। हालांकि मामला मीडिया में छाने के बाद रविशंकर ने सफाई देनी शुरू कर दी है।

श्री श्री रविशंकर

 

श्री श्री रविशंकर का विवादित बयान

श्री श्री रविशंकर ने 30 अप्रैल को महाराष्ट्र के लातूर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देेते हुए यह बातें कहीं। यहां एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि मलाला को पुरस्कार मिला तो क्या यह गलत था। जवाब में रविशंकर ने कहा, ‘और क्या, उस लड़की ने कुछ भी नहीं किया।’

रविशंकर ने बताया कि पूर्व में उन्हें भी नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रस्ताव मिला था। लेकिन इस प्रस्ताव को उन्होंने ठुकरा दिया। रविशंकर ने कहा, ‘मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं काम करने पर भरोसा रखता हूं। इसके बदले में मुझे पुरस्कार नहीं चाहिए।’

मामला मीडिया में आने के बाद रविशंकर का तीखा विरोध शुरू हो गया। इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा, ‘मेरे बयान को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। पत्रकार ने मुझसे पूछा था कि आप समाजसेवा पुरस्कार के‍ लिए कर रहे हैं। जवाब में मैंने कहा था कि सालों से समाजसेवा कर रहा है। अब लोगों का अच्छा लग रहा है तो कह रहे हैं कि मैं यह सब पुरस्कार के लिए कर रहा हूं।’

मलालाा पर दिए बयान की सफाई में श्री श्री रविशंकर ने कहा, ‘ मैंने उस दिन कहा था कि जब 16 साल की लड़की को बिना किसी काम के नोबेल पुरस्कार मिल सकता है तो आप समझ सकते हैं कि आपको इस पुरस्कार को प्राप्त करने के लिए ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं है बल्कि इसमें राजनीतिक भूमिका ज्यादा होती है।’

17 वर्षीय मलाला को कुछ साल पहले तालिबानी ने आतंकियों ने सिर में गोली मार दी थी। आतंकियों ने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि वे महिलाओं के शिक्षा के खिलाफ हैं और मलाला ने उनकी बात नहीं मानी थी। हालांकि, सिर में गोली लगने के बाद भी मलाला जिंदा बच गई थी। लंदन में उसका लम्बा इलाज चला था।

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