शिवसेना के नेता अरुण पाठक ने उठाया श्रृंगार गौरी दर्शन का मामला, प्रशासन के फूले हाथ पाँव

REPORT – KASHINATH SHUKLA

शिवसेना के फायर ब्रांड नेता अरुण पाठक की ओर शहर में एक पर्ची बटवाई जा रही है। इन पर्ची के माध्यम से फायर ब्रांड नेता अरुण ने प्रशासन से मांग की है आम श्रद्धालुओं के लिए विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित मां श्रृंगार गौरी के नियमित रूप से दर्शन पूजन करने के लिए कपाट खोल दिया जाये। शहर के कई इलाकों में शिवसेना के पर्ची बंटवाने से एक बार फिर श्रृंगार गौरी में दर्शन पूजन मामले ने तूल पकड़ लिया है तो वही प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं।

भगवान शिव की नगरी में मां श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन साल 1995 में लगी रोक हटाने के लिए शिवसेना ने प्रशासन के खिलाफ अभियान शुरू किया है। 1995 में दर्शन पर लगी रोक को हटवाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के कार्यकर्ताओं ने उग्र आंदोलन किया था, जिसके बाद लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए थे।

शिवसेना

वीएचपी के इस आंदोलन के 24 वर्ष बाद फिर से मंदिर के दर्शन को नियमित कराने की आवाज उठ गई है। महाराष्ट्र के चुनाव से ठीक पहले एनडीए के सहयोगी दल शिवसेना ने इसके लिए वाराणसी में आवाज उठाई है। कहा जा रहा है कि वाराणसी में इस अभियान की शुरुआत शिवसेना के शीर्ष नेतृत्व और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के निर्देशों के बाद हुई है।

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शिवसेना ने इसके लिए शहर की तमाम दीवारों पर पोस्टर चिपका दिए हैं और स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच इसे लेकर पत्रक बांटने का काम शुरू किया है।

सकुशल सावन बीतने के बाद अचानक शिवसेना की तरफ से मां श्रृंगार गौरी मंदिर के मुक्त के लिए छेड़े गए इस अभियान से खुफिया एजेंसियों के भी कान खड़े हो गए हैं। वहीं एजेंसियों को शिवसेना की तरफ से यह पत्र शहर के अल्पसंख्यक इलाकों में भी बांटने की सूचना मिली है।

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