वाराणसी में नही रूक रहा अपराध का सिलसिला, देर रात बिल्डर की गोली मारकर हत्या

Report- KASHINATH SHUKLA/VARANASI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बीते सितंबर में हुए 5 हत्या की घटना से अभी शहर उभरा ही नहीं था कि रविवार की देर रात पूर्व डीआईजी सभाजीत सिंह के बिल्डर बेटे बलवंत सिंह की देर रात गोली मारकर की गई हत्या ने एक बार भी कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया हैं।

बलवंत सिंह अपने पास दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान कुछ विवाद हुआ, जिसके बाद हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। परिवार बलवंत सिंह को लेकर नजदीकी प्राइवेट अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बिल्डर की हत्या

शहर के सारनाथ थाना क्षेत्र के अशोक विहार कॉलोनी में देर रात बिल्डर बलवंत सिंह की हत्या के पुरे क्षेत्र में सनसनी मच गई।बलवंत सिंह की मौत की ख़बर मिलते उनके जानने  वाले और परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर स्तिथि को सामान्य करने के लिए कई थानों की फोर्स को तैनात किया गया।

जानकारी के अनुसार बलवंत सिंह अशोक विहाड कालीनों में एक अपने एक मित्र के यहां दावत पर गए थे जहां कुछ बातों को लेकर हुई कहा सुनी के बाद उनको गोली मार दी गयी। परिजनों के तरफ से कांग्रेस के एक नेता और बिल्डर पर हत्या का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़े बलवंत सिंह सत्य साईं बाबा इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में पार्टनर से कंपनी में इन दिनों विवाद चल रहा था रविवार को गोपाल सिंह के पहाड़िया अशोक विहार कॉलोनी में मीटिंग बुलाई मीटिंग में तीसरे पार्टनर कांग्रेसी नेता पंकज चौबे के साथ कुछ अन्य लोग भी थे बलवंत सिंह अपनी बुलेट प्रूफ कार और लाइसेंसी पिस्टल के साथ आय थे। मीटिंग के दौरान खानपान की व्यवस्था भी थी।

इस पूरे मामले को लेकर वाराणसी के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि पुलिस प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार बलवंत सिंह को उनके पार्टनर पंकज चौबे द्वारा गोली मारने की बात सामने आयी है और पुलिस टीम उनकी तलाश कर रही है। शिवपुर के तरना निवासी बलवंत सिंह प्रापर्टी डीलर थे। उनके साथ कुछ और लोग भी पार्टनर थे।

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पुलिस के अनुसार रविवार रात वे अशोक विहार कालोनी स्थित दोस्त के घर गए थे। वहां कुछ और पार्टनर भी थे। उनके बीच दीपावली और किसी प्रोजेक्ट को लेकर बात चल रही थी कि उसी दौरान लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर गोली चल गयी।

गोली बलवन्त के पेट में लगी और वे गिर पड़े। आनन-फानन में लोग गाड़ी से लेकर उन्हें मलदहिया स्थित निजी चिकित्सालय पहुंचे। चिकित्सकों द्वारा उन्हें मृत घोषित करने के बाद वहां लोगों ओैर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया। पुलिस को शव को कब्जे में लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

बलवंत की हत्या से नाराज लोगों के हंगामे के आगे पुलिस भी असहाय नजर आयी। पुलिस दरअसल चाह रही थी कि बात आगे न बढ़े इसलिए वह भीड़ के हर गुस्से को नजर अंदाज कर रही थी। लोग पुलिस को लेकर तमाम तरह की बातें कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने मौके की नजाकत को देखते हुए मौन सांध लिया और सिर्फ लोगों को समझाने में जुटी रही। बात यदि बिगड़े तो उसे नियंत्रित करने के लिए जरूर पूरे इंतजाम कर लिये थे। इसके लिए भारी फोर्स अस्पताल के साथ अशोक बिहार फेस टू कॉलोनी बुला ली गयी थी। लोग तत्काल हत्यारे को पकड़ने के लिए पुलिस पर दबाव बनाते रहे।

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