राम मय हुई रामनगरी अयोध्या , दिख रहा दीपोत्सव का भव्य नजारा

Ram Mandir Bhoomi Pujan Update: अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण को लेकर सोमवार से ही तीन दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत के साथ पूरी अयोध्या राममय हो गई है। राम मंदिर को लेकर लोगो में रामजन्म जैसा उल्लास दिखने को मिल रहा है। गौरी गणेश की पूजा के साथ अनुष्ठान की शुरुआत के बाद रामनगरी में दीपोत्सव का भव्य नजारा दिखने को मिल रहा है। राम मंदिर निर्माण के लिए तीन दिवसीय अनुष्ठान की शुरुआत सोमवार को हुई। 21 वैदिक आचार्यों ने गौरी गणेश की पूजा के साथ पहले दिन के अनुष्ठान की शुरुआत की। गौरी गणेश की पूजा के बाद माता सीता की कुलदेवी छोटी देवकाली और भगवान राम की कुलदेवी बड़ी देवकाली की आराधना की गई।

अनुष्ठान की शुरुआत के साथ ही रामनगरी पूरी तरह राममय हो चुकी है और लोगों ने जगह-जगह दीप जलाकर खुशियां जताई। रामनगरी में मठ-मंदिरों में सजावट के साथ ही तमाम स्थानों पर दीये भी जलाए गए। राम मंदिर आंदोलन के महानायक रहे महंत रामचंद्र दास परमहंस की समाधि पर भी दीप जलाकर राम मंदिर निर्माण की खुशियां मनाई गईं। तीन दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन रामार्चा पूजा के साथ ही हनुमानगढ़ी में भगवान हनुमान की पताका की भी पूजा की जाएगी।

तीन दिवसीय अनुष्ठान का मुख्य कार्यक्रम 5 अगस्त को होना है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भव्य राम मंदिर निर्माण की नींव रखेंगे। भूमि पूजन के पूर्व पीएम मोदी हनुमानगढ़ी के दर्शन करेंगे। भगवान राम का हनुमान से बड़ा कोई भक्त नहीं माना जाता और इसीलिए भगवान राम से जुड़े किसी भी काम की शुरुआत से पहले हनुमान की पूजा जरूरी है। इसीलिए भूमि पूजन से पहले पीएम मोदी हनुमानगढ़ी के दर्शन करेंगे।

श्री राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन का मुख्य स्थान काशी विद्वत परिषद के तीन विद्वानों की देखरेख में संपन्न होगा। इस अनुष्ठान को कराने के लिए काशी के तीन विद्वान डॉ राम नारायण द्विवेदी, प्रोफेसर विनय चंद्र पांडेय और रामचंद्र पांडेय अयोध्या पहुंच गए हैं। अयोध्या रवाना होने से पहले इन तीनों विद्वानों ने काशी में संकटमोचन में भगवान हनुमान का आशीर्वाद लिया। लोगों ने जय श्री राम और हर हर महादेव के उद्घोष के साथ इन तीनों विद्वानों को अयोध्या रवाना किया। ज्योतिषाचार्य प्रोफेसर रामचंद्र पांडे ने बताया कि जिस मुहूर्त में भगवान राम के मंदिर का भूमि पूजन हो रहा है, वह सर्वोत्तम है।

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय न बताया कि मुख्य आयोजन में भारत से 36 परंपराओं के 135 संत महात्माओं को आमंत्रित किया गया है। पांच अगस्त को पीएम मोदी के हाथों में होने वाले मुख्य आयोजन में 175 लोगों को न्योता भेजा गया है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर आंदोलन के अगुवा रहे लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और वरिष्ठ वकील के.पारासरन बुजुर्ग होने के कारण कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे।

उन्होंने बताया कि मुख्य आयोजन के लिए आमंत्रण पत्र ही प्रवेश पास होगा। सुरक्षा की दृष्टि से आमंत्रण पत्र पर बार कोड लगाया गया है जो एक बार ही उपयोग में लाया जा सकेगा। ऐसे में यदि कोई बाहर निकला तो वह दोबारा प्रवेश में सक्षम नहीं होगा। एक कार्ड पर सिर्फ एक व्यक्ति की एंट्री होगी। साथ ही अपनी आईडी रखना भी अनिवार्य होगा। अतिथियों को प्रधानमंत्री के आगमन से दो घंटे पहले ही पहुंचना होगा।

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