मोदी सरकार का ये फैसला गरीबों के लिए साबित हो सकता है वरदान! लेकिन पहले बंद होगी ये योजना

नई दिल्ली। मोदी सरकार गरीबों की योजना मानी जाने वाली मनरेगा योजना को खत्म करने के बारे में विचार कर रही है। संसद में यह जानकारी देकर मोदी सरकार ने सभी को चौंका दिया।

मनरेगा योजना यूपीए के समय की बेहद ही चर्चित योजना है जिससे देश के करोड़ों गरीब लोगों को रोजाना की मजदूरी नसीब होती है। मगर मोदी सरकार ने इसके पीछे जो वजह बताई है उसे सुनकर गरीबों के सपनों को खुशियों का आसमान मिल जाएगा।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संसद में जानकारी दी कि मनरेगा योजना गरीबों के लिए है। मोदी सरकार गरीबी को ही खत्म करने में जुटी हुई है। जब गरीबी ही नहीं रहेगी तो इस योजना का काम ही क्या? हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि फिलहाल मनरेगा के बजट में कोई कमी नहीं की गई है उल्टा इसे बढ़ाया ही गया है। अब 55000 करोड़ की जगह इस वित्तीय वर्ष में 60000 करोड़ रुपया मनरेगा का बजट कर दिया गया है।

खास बात यह भी है कि सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार ने हर बजट में इस योजना के लिए फंड का आवंटन बढ़ाया है। अब इसके तहत दी जाने वाली मजदूरी सीधे लाभार्थियों के खाते में दी जाती है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कहा था कि वे इस योजना को इसलिए भी जारी रखेंगे क्योंकि यह इस बात की गवाही देती है कांग्रेस की पिछली सरकारों ने गरीबी हटाने के लिए कुछ भी नहीं किया।

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