मॉरीशस के पास हिंद महासागर में फंसे तेल टैंकर के हुए दो टुकड़े, समुद्र में फैल गया शेष बचा तेल….

मॉरीशस के पास हिंद महासागर में फंसे जापान के तेल टैंकर के दो टुकड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इसमें शेष बचा तेल समुद्र में फैल गया है। एमवी वाकाशिओ नामक यह जहाज 25 जुलाई को मॉरीशस के तट के पास एक चट्टान से टकरा फंस गया था। टक्कर की वजह से उसके निचले हिस्से में दरार पड़ गई थी और वहां से तेल का रिसाव हो रहा था।

जहाज में चार हजार टन तेल लदा था, जिसमें से करीब एक हजार टन समुद्र में फैल गया था। हालात की गंभीरता को देखते हुए मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने पर्यावरणीय आपातकाल की घोषणा की थी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद मांगी थी।

समुद्र में फैला बचा हुआ तेल

अधिकारियों ने बताया कि जहाज में बचे तीन हजार टन में से बहुत हद तक तेल को निकाल लिया गया था। लेकिन जहाज के दो टुकड़े हो जाने से बाकी बचा तेल समुद्र में फैल गया। यह जहाज जापान की नागाशिकी शिपिंग कंपनी का था। कंपनी का कहना है कि जहाज में बहुत कम मात्रा में ही तेल बचा रह गया था। 

शिपिंग कंपनी से हर्जाने की मांग

उधर, मॉरीशस के संरक्षित समुद्र तटीय इलाके में तेल बहने से समुद्री परिस्थितिकी तंत्र के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है। समुद्री जीवों और वनस्पति को संरक्षित करने की मॉरीशस की 35 साल की मेहनत के बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है। मॉरीशस सरकार ने तेल रिसने से हुई बर्बादी के लिए शिपिंग कंपनी से हर्जाने की मांग की है।

खुद तेल निकालने में जुटे लोग

मॉरीशस के हजारों लोग समुद्र के पानी से तेल निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं जिससे जलीय जीव-जंतुओं और दुर्लभ वनस्पति को बचाया जा सके। मॉरीशस के अधिकारियों का अनुमान है कि अभी तक 400 टन तेल ही समुद्र से निकाला जा सका है। एक समय अपने उपनिवेश रहे मॉरीशस को फ्रांस ने पूरी मदद का भरोसा दिया है। मॉरीशस की अपील फ्रांस ने नौसेना का एक जहाज, सैन्य विमान और कई विशेषज्ञ मदद के लिए भेजे हैं। जापान सरकार ने भी विशेषज्ञों की मदद भेजने का आश्वासन दिया है।

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