मॉब लिंचिंग से दुखी हूं, लेकिन झारखंड का अपमान न करें : मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि झारखंड में भीड़ द्वारा एक युवक की पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) किए जाने की घटना से मुझे दुख हुआ है, लेकिन इसके लिए पूरे प्रदेश पर आरोप लगाना गलत है। लगभग सप्ताह भर पहले हुए अपराध पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मोदी ने राज्यसभा में झारखंड को मॉब लिंचिंग की फैक्ट्री बताने के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की और कहा कि राज्य का अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है।

 

संसद में राष्ट्रपति के संबोधन के धन्यवाद प्रस्ताव में अपने जवाब में मोदी ने कहा, “झारखंड में लिंचिंग की घटना से मुझे दुख हुआ। इससे दूसरों को भी दुख हुआ। लेकिन राज्यसभा में कुछ लोग झारखंड को लिंचिंग का हब मानते हैं। क्या यह सही है? वे एक राज्य का अपमान क्यों कर रहे हैं?”

प्रधानमंत्री ने कहा, “झारखंड का अपमान करने का अधिकार हम में से किसी को नहीं है।”

मोदी ने कहा कि ऐसी हत्याओं के लिए बिना किसी भेदभाव के देश का एक ही मत होना चाहिए, चाहे वह झारखंड में हो, केरल में हो या पश्चिम बंगाल में हो।

उन्होंने कहा, “सिर्फ तभी हम हिंसा पर रोक लगा पाएंगे और हिंसा में शामिल लोगों को सजा मिलेगी।”

मोदी ने यह बयान राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद द्वारा झारखंड के सरायकेला में मॉब लिंचिंग की घटना की निंदा किए जाने के दो दिन बाद दिया है।

आजाद ने कहा था कि झारखंड मॉब लिंचिंग की फैक्ट्री बन चुका है।

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धतकीडीह गांव में 20 जून को चोरी के शक में पकड़कर बुरी तरह पीटे गए तबरेज अंसारी (22) ने बाद में अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसे ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए मजबूर किया गया था।

अंसारी की पत्नी ने अपने पति की मौत पर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उसे समय पर इलाज नहीं दिया गया।

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