जिसे पूरी दुनिया ने कर दिया था मृत घोषित, वह 5 सालों बाद लौटा ‘जिंदा’

जालंधर।मध्य प्रदेश के दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज को डॉक्टरों ने 5 साल पहले मृत घोषित कर दिया था लेकिन उनके आश्रम के प्रबंधकों और उनके भक्तों का मानना है कि उन्होंने समाधि ली है। भक्तों का मानना है कि महाराज एक दिन समाधि से वापस आएंगे। चमत्कार की उम्मीद में आशुतोष महाराज का शव एक डीप फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है। हर 6 महीने में एक बार डॉक्टर्स उनके शव की जांच करते हैं।

मृत घोषित

सीने में दर्द की शिकायत के बाद मौन हो गए आशुतोष महाराज

मध्य प्रदेश के नूरमहल में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज को 28 जनवरी की रात को सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके वह मौन हो गए। उनके अनुयायियों को लगा कि महाराज समाधि में चले गए हैं, जैसा कि वह अक्सर करते थे।

डॉक्टरी जांच में उन्हें क्लिनिकली डेड घोषित कर दिया गया था लेकिन आश्रम के प्रबंधकों ने उनके अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया। आशुतोष महाराज का शरीर अब भी डीप फ्रीजर में रखा गया है।

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आश्रम में पूर्ववत जारी हैं गतिविधियां

महाराज के समाधिस्थ होने के बाद भी संस्थान में गतिविधियां सामान्य तरीके से संचालित होती हैं। बड़े कार्यक्रमों के अलावा वहां हर रविवार को छोटे-छोटे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के दौरान आश्रम प्रबंधन श्रद्धालुओं को यह विश्वास दिलाता है कि महाराज एक दिन समाधि से लौटेंगे।

महाराज की कथित मौन समाधि के बावजूद आश्रम का काम पूर्ववत चल रहा है। सामाजिक कार्य जारी हैं और आश्रम में नई बिल्डिंग भी बन रही है। आश्रम में जहां महाराज का शरीर रखा गया है वहां मीडिया के आने की मनाही है।

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जवानों की सुरक्षा के घेरे में है महाराज का शरीर

आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि हमारे विश्वास और अनुयायियों की संख्या में इन वर्षों में कोई अंतर नहीं आया है। हमें पूरा विश्वास है कि महाराज वापस आएंगे। सूत्रों के मुताबिक, महाराज के शरीर को पंजाब पुलिस और सीआरपीएफ जवानों के सुरक्षा-घेरे में रखा गया है।

वहां जाने के लिए केवल डॉक्टरों को अनुमति है जो हर 6 महीने में महाराज के शरीर की जांच के लिए आते हैं। इनके अलावा किसी को भी वहां जाने की आज्ञा नहीं है।

 

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