ममता के मंच से विपक्ष का ऐलान, 2019 में नहीं आएगी मोदी सरकार

कोलकाता। कभी बीजेपी का हिस्सा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने शनिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद यह पहली सरकार है जो विकास के आंकड़ों के साथ ‘बाजीगरी’ कर रही है.

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से कोलकाता में आयोजित विपक्ष की रैली को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा कि मौजूदा शासन में अगर आप सरकार की तारीफ करते हैं तो वह ‘देश भक्ति’ है और अगर आलोचना करते हैं तो वह ‘देश द्रोह’ है.

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री रहे सिन्हा ने कहा, ‘आजादी के बाद यह पहली सरकार है जो जनता को मूर्ख बनाने के लिए विकास के झूठे और मनगढ़ंत आंकड़े पेश कर रही है.’

कश्मीर समस्या का हल निकालने के लिए गठित समिति में शामिल रहे सिन्हा ने कहा कि जब उन्होंने प्यार-मोहब्बत वाले वातावरण में सभी तबके के लोगों से बात करने का सुझाव दिया था तो उन्हें ‘पकिस्तानी एजेंट’ बताया गया था. सिन्हा ने कहा कि अगर प्यार की भाषा बोलना पाकिस्तानी एजेंट होना है, तो क्या हमें बोला छोड़ देना चाहिए. मैंने पहले भी कहा है कि राष्ट्र कठिन दौर से गुजर रहा है.

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इस दौरान मंच से उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला से सवाल किया, ‘क्या मैंने गलत कहा था?’ इस पर अब्दुल्ला ने ‘ना’ में सिर हिलाया.

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने नरेंद्र मोदी सरकार के नारे ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर भी तंज किया और इसे ‘सबका साथ, सबका विनाश’ बताया. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘मुझे अपने जीवन में कुछ नहीं चाहिए. केवल एक लड़ाई बाकी है. इस सरकार को सत्ता से बाहर करना है.’

यूनाइटेड इंडिया रैली में बोले दिल्ली के CM अरविन्द केजरीवाल, कहा- यह भारत की राजनीति में महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दिन है। मोदी और शाह की जोड़ी ने देश का बेड़ा गर्क कर दिया, देश का कबाड़ा कर दिया। देश का युवा परेशान है कि उसके पास नौकरी नहीं है। मोदी जी की नोटबंदी ने देश की सवा करोड़ नौकरियां खा ली है। किसानों की फसले बर्बाद होती हैं तो मोदी जी और शाह उन्हें इंश्योरेंस कंपनियों के हवाले कर देते हैं और ये कंपनियां मोदी जी के दोस्तों की हैं।

मुझे यह कहते हुए शर्म आती है कि हमारे प्रधानमंत्री ऐसे लोगों को फॉलो करते हैं जो महिलाओं को गाली देते हैं। अगर मोदी और शाह दोबारा 2019 में वापस आ गए तो देश को बर्बाद कर देंगे। हमें इन लोगों को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।

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जो काम 70 सालों में पाकिस्तान नहीं कर पाया वह 5 सालों में मोदी और शाह की जोड़ी ने कर दिया। अगर मोदी और शाह दोबारा लौट आए तो वे संविधान खत्म कर देंगे, चुनाव खत्म कर देंगे, लोकशाही खत्म कर देंगे, तानाशाही ले आएंगे। जिसके मन में भारत के लिए जरा सा भी प्रेम है वह तय कर ले कि इस जोड़ी को दोबारा नहीं आने देंगे। मोदी और अमित शाह जाने वाले हैं, देश के अच्छे दिन आने वाले हैं।

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