मनकामेश्वर मन्दिर में भैया दूज का पूजन कर दिया गया भाई-बहन के अनूठे प्यार का सन्देश

लखनऊ। प्राचीन व ऎतिहासिक शिव मंदिर मनकामेश्वर मठ की महन्त देव्यागिरि ने सोमवार को श्रद्धालुओ संग कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को “भैय्या- दूज “पर पूजन कर सभी भाइयो बहनो को की कुशलता के लिए मनकामेश्वर बाबा से प्रार्थना की।

इस पुनीत अवसर पर इस पर्व की महिमा को बताते हुए महन्त ने कहा यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। कार्तिक शुक्ल पक्ष को यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, उसे अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया। यमराज ने सोचा कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है।


यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने का आदेश दिया।
यमुना ने कहा कि भद्र! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे।


इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी हुई ऐसी मान्यता है कि जो भाई आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को सभी लोग यमराज तथा यमुना का पूजन कर इस प्रेम के प्रतीक पर्व को साकार करते है ।

पूजन में अश्वल मिश्रा, अमन शुक्ला, विजय मिश्रा, आशु जायसवाल, शिव मुकेश अग्रहरि,मिंटू, अंकुर पांडेय बहनों में नीतू निषाद, गौरजा गिरि,अंशिका कल्याणी, नीतू,अग्रहरि, लोगो ने सहभागिता की ।

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