भगवान शिव का प्रिय माह सावन में जरुर करें इन नियमों का पालन

डेस्क. Edited by [ शिवानी समदर्शी ]

हिंदू धर्म में श्रावण मास का बहुत बड़ा महत्व है शास्त्रों में भी सावन को काफी महत्व है। श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तजन इस महीने में व्रत रखते हैं। सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा के दौरान बेल पत्र से पूजा-अर्चना की जाती है और जल चढ़ाया जाता है.

भगवान शिव की आराधना करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।–

-सावन में शिवजी का जल अभिषेक करते समय कभी भी हल्दी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

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– सावन के महीने में बैंगन का खाना वर्जित माना गया है। उसे अशुद्ध बताया गया है।

– शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है इसलिए कभी भी शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए।

– सावन के महीने में सात्विक भोजन करना चाहिए। इसमें मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन के सेवन से बचना चाहिए।

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-सावन में व्रतधारी को दूध का सेवन भी नहीं करना चाहिए। दरअसल सावन में मौसम परिवर्तन होता है, जिससे कई छोटे-छोटे की कीड़े-मकोड़े भी पनप जाते हैं। कभी-कभी गाय-भैंस उनको खा जाती हैं, इसलिए उनका दूध हानिकारक होता है।

-अगर घर के दरवाजे पर सांड या गाय आ जाए तो उसे मार कर भगाएं वहीं बल्कि कुछ खाने के लिए जरूर दें। सांड को मारना शिवजी की सवारी नंदी का अपमान करने समान है।

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