बीते तीन दिनों से कुमाऊं में मानसून पड़ा सुस्त, छिटपुट बारिश के अलावा कहीं नहीं हुई तेज बारिश

बीते तीन दिनों से कुमाऊं में मानसून सुस्त पड़ा है। छिटपुट बारिश के अलावा कहीं तेज बारिश नहीं हुई। देर रात पिथाैरागढ़, बागेश्वर में बारिश हुई, जबकि पहाड़ के अन्य जिलों में छिटपुट बादल छाए हैं। मौदानी इलाकों में भी धूप-छांव का खेल चल रहा है। वहीं मौसम विभाग ने बुधवार यानी 26 अगस्त को मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। पर्वतीय जिलों में वज्रपात की आशंका जाहिर करते हुए भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। वहीं पर्वतीय जिलों के लोग पिछले दिनों हुई बारिश का दंश अब तक झेल रहे हैं। पहाड़ से मलबा आने के कारण कई रास्ते बंद हैं तो कई भवनों को भी क्षति पहुंच है। पिथौरागढ़ में चीन सीमा को जोड़ने वाले तीन में से दो मार्ग अब भी बंद हैं।

बागेश्वर में 12 सड़कें बंद, दो मकान ध्वस्त

बागेश्वर जिले में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिसके चलते उच्च हिमालय से सटे इलाके में लगातार भूसखलन हो रहा है। 12 सड़कें आवागमन के लिए बंद हैं। जबकि अतिवृष्टि से दो मकान ध्वस्त हो गए हैं। दो परिवारों के दस लोगों ने पड़ोसियों के घरों में शरण ली है। इसके अलावा 9 गांवों की बिजली भी गुल हो गई है। पानी की भी किल्लत बनी हुई है। अतिवृष्टि से गरुड़ तहसील के मटेना गांव निवासी पूरन राम पुत्र गोपाल राम का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। उनके परिवार के चार सदस्यों ने पड़ोसी के घर में शरा ली है। वहीं, ग्वाड़पजेड़ा निवासी पुष्पा देवी पत्नी किशन राम का मकान ध्वस्त हो गया है। परिवार के छह सदस्य बेघर हो गए हैं। उन्होंने पड़ोसी के घर में शरण ली है।

चीन सीमा को जोड़ने वाले दो मार्ग अब भी बंद

पिथौरागढ़ जिले में वर्षा का वेग कम हो चुका है परंतु डेढ़ दर्जन मार्ग बंद होने से जनता की दुश्यारियां यथावत बनी है। गोरी नदी घाटी में जौलजीबी से मुनस्यारी मार्ग उन्तीस दिनों से बंद है, तो चीन सीमा को जोडऩे वाले दो मार्ग पैंतीस दिनों से बंद हैं। 27 जुलाई की रात को तहसील बंगपानी में बादल फटने से जौलजीबी – मदकोट -मुनस्यारी मार्ग बंद हो गया था। इस मार्ग पर दुगड़ीगाड़ में पुल बह गया था। किरकिटिया नामक स्थान पर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। बीआरओ द्वारा संचालित इस मार्ग सामरिक महत्व का है। मुनस्यारी से यही मार्ग चीन सीमा मिलम तक जुड़ता है। इस सड़क से तहसील बंगापानी का अस्सी फीसद क्षेत्र जुड़ा है। नाचनी – बांसबगड़ मार्ग 27 जुलाई से बंद है। जिसके चलते हुंपुली से लेकर कोटा पंद्रहपाला, धामी गांव का सम्पर्क कटा हुआ है। यह क्षेत्र भी घनी आबादी वाला है। क्षेत्र में स्थिति खराब बनी है। चीन सीमा को जोडऩे वाले तवाघाट- सोबला -तिदांग, मुनस्यारी मिलम मार्ग के शीघ्र खुलने के आसार नहीं हैं।

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