बाढ़ का कहरः 100 से अधिक गांव में भरा पानी, ग्रामीण बेहाल

रिपोर्ट:- अनुज कौशिक

जालौनः राजस्थान के कोटा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के बाद यमुना का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। जिसके कारण जालौन के यमुना किनारे के 100 से अधिक गांव में पानी घुस आया है। आलम यह है कि स्कूल भी पानी से लबालब हो गये है। जिससे ग्रामीणों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। ग्रामीण घर से बाहर निकल नहीं पा रहे है और उन्हें अब एक जगह ही रहकर अपना गुजर करना पड़ रहा है। वही फसलें पूरी तरह जलमग्न है।


जालौन के बीहड़ पट्टी से निकली यमुना नदी इस समय पूरी तरह से तांडव मचाये हैं। बीती रात कोटा बैरक से 5 लाख क्यूसिक से अधिक पानी छोड़े जाने से माधौगढ़ और कालपी तहसील में बहने वाली यमुना नदी खतरे के निशान से लगभग लगभग 5 मीटर ऊपर बह रही है।

यमुना में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण रामपुरा, कुठौंद, महेबा और कदौरा विकासखंड के 100 से अधिक गांवों में बाढ़ की भयावह स्थिति बनी है। जिस कारण यहाँ की बीहड़ पट्टी के गांव बिल्हौड, निनावली, सुल्तानपुरा, सिद्धपुरा, हुकमपुरा, रिठौरा, भिटौरा, कंजूसा हिम्मतपुर चंदावत राही मंगरौल, गुढ़ा, कंजौसा देवकली, मगरौल, शेखपुर गुढ़ा सहित सैकड़ों गांवों में बाढ़ से स्थिति भयावह है।

इन गांवों का सम्पर्क मार्ग मुख्यधारा से टूट चुका है साथ किसानो की सैकड़ों एकड़ फसल भी जलमग्न हो चुकी है। लगातार तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से अब पानी सड़कों पर आ गया और कालपी नगर के रिहायशी इलाकों में भी यमुना का पानी पहुँचने लगा है। जिससे लोग नाव की मदद से पानी के बीच से निकलने को मजबूर हैं।

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वहीं जिला प्रशासन के सुरक्षा व राहत बचाव कार्य के तमाम दावे कर रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासन के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। अगर देखा जाये तो अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए जान जोखिम में डालकर पानी के बीच से गुजर रहे हैं।

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