बारिश के कारण खतरे की ओर बढ़ने लगा बाणसागर का जलस्तर, 4237 क्यूसेक पानी पहुंच रहा सोन नदी में

सोन नदी में जल संग्रहण करने वाले जनपदों में हुयी सामान्य से ज्यादा बारिश के कारण बाणसागर का जलस्तर खतरे की ओर बढ़ने लगा है। पिछले 48 घंटे के दौरान मध्यप्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश के कारण शहडोल स्थित बाणसागर डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बाणसागर डैम में जलभराव के लगभग 85 फीसद तक पहुंचने के कारण मौजूद जलविद्युत इकाइयों को चालू कर दिया गया है।

जलविद्युत इकाइयों के चलने से सोन नदी में होने वाले जलश्राव को देखते हुए बाणसागर प्रशासन ने तटवर्ती क्षेत्रों के लिए चेतावनी जारी कर दी है। इकाइयों के चलने से सोन नदी में गुरुवार सुबह से 4237.8 क्यूसेक पानी आने लगा है। जिसके कारण तटवर्ती क्षेत्रों को सावधान किया जा रहा है। शुक्रवार सुबह बाणसागर बांध का जलस्तर 340.40 मीटर पहुंच गया था। जो अधिकतम से मात्र एक मीटर कम है। बाणसागर पक्का बांध संभाग के कार्यपाल यंत्री हरीश कुमार तिवारी द्वारा ने शहडोल, रीवा, सिंगरौली जनपदों के कलेक्टर सहित उत्तर प्रदेश जल संसाधन विभाग को सोन नदी में हो रहे जलश्राव के लिए सूचित कर दिया है। बताया कि बांध पर स्थित देवलोंद विद्युत घर की इकाइयों को गुरुवार सुबह चालू कर दिया गया है। जिससे 120 क्यूमेक्स पानी सोन नदी में पहुंच रहा है। समाचार लिखे जाने तक बाणसागर से आ रहा पानी सोनभद्र में पहुंच गया था जिसके कारण सोन के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गयी है।

तेजी से बढ़ रहा जलस्तर

पिछले एक सप्ताह से बाणसागर बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि जारी थी। इस दौरान रोजाना 0.15 मीटर से ज्यादा प्रतिदिन जलस्तर बढ़ रहा है। बीते नौ अगस्त को जलस्तर 339.41 मीटर, 10 अगस्त को 339.60 मीटर, 11 अगस्त को 339.73 मीटर, 12 अगस्त को 339.88 मीटर तथा 13 अगस्त को यह तेजी से बढ़कर 340.13 मीटर तक पहुच गया। बाणसागर में जल संग्रहण करने वाले जनपदों में हो रही बारिश को देखते हुए जलस्तर नियंत्रण के लिए जलविद्युत इकाइयों को चालू कर दिया गया है। जिस गति से बांध में पानी आ रहा है उससे संभावना है कि जल्द बांध के फाटक भी खुल जाए। सोन नदी के लिए जलसंग्रहण करने वाले मध्यप्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, शहडोल, सीधी, उमरिया एवं सिंगरौली जनपदों में 13 अगस्त को समान्य बारिश 124 मिलीमीटर के सापेक्ष 258 मिलीमीटर हुयी है। इससे पहले 12 अगस्त को शहडोल जिले में समान्य 11.4 मिलीमीटर के सापेक्ष 62.8 मिलीमीटर बारिश हुयी। इसी तरह 13 अगस्त को सतना में 60.2 मिलीमीटर, अनूपपुर में 36.3 मिलीमीटर बारिश हुयी। जिसके कारण बाणसागर बांध के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुयी है।

इन क्षेत्रों में हो जाती है बाढ़ की स्थिति

बाणसागर डैम के फाटक खुलने पर सोन नदी के जलस्तर में 10 से 20 फुट तक वृद्धि की संभावना रहती है। जिसके कारण जनपद के तटीय गांव कुरछा, घोरिया, सेमिया, छितिकपुरवा, गोठानी, मीतापुर, चौरा, बिजौरा, बडगांव, कुड़ारी, चोपन, अम्माटोला, हरदी, सोनजर, कजरहट, चकरिया, चांचीकला, नक्सवार एवां पिंडारी सहित तीन दर्जन से ज्यादा तटवर्ती गांवों में खतरा पैदा हो जाता है। इस पानी का असर गढ़वा, औरंगाबाद, डेहरी आन सोन सहित पटना में भी देखा जाता है।

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