बंदी के दूसरे दिन भी सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा, पुलिस मुस्तैद

कोरोना संक्रमण के बढ़ते कदम को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने 55 घंटे की बंदी की है। बंदी के दूसरे दिन भी सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालाकि इक्का दुक्का लोग सड़क पर जरूरी काम से निकले थे। पुलिस ने उनको रोकर पूछताछ के बाद आगे बढ़ने दिया। बंदी को लेकर पुलिस पूरी तरह से सतर्क रही। इसके लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर 50 बैरियर लगाए गए। निकलने वालों पूछताछ भी की गई।

कोरोना इन दिनों सामुदायिक संक्रमण के रूप में फैल रहा है। लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने बंदी का फैसला लिया। रविवार को बंदी के दूसरे दिन जिले की सड़कों पर सन्नाटा रहा। प्रमुख बाजार व चौराहों पर केवल किराना व दवा की दुकानें ही खुली रहीं। सुबह लोगों को सब्जी व दूध के लिए परेशान न होना पड़े इसके लिए पुलिस की ओर से सब्जी बेचने व दूधियों को आने जाने दिया गया। पुलिस की ओर से इस बात का भी ध्यान रखा गया कि कोई जरूरतमंद बंदी के दौरान परेशान न होने पाए। कोराना वायरियर्स, डॉक्टर, अखबार वितरक आदि के आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहा। इसके कारण आम लोगों को बंदी के दौरान थोड़ी राहत मिली। नगर पंचायतों की ओर से लोगों से घरों में रहने की अपील लगातार की जाती रही।

कृषि कार्य पर नहीं पड़ा प्रभाव

इन दिनों धान की रोपाई का समय है। ऐसे में किसान खेतों में काम करने के लिए घरों से निकल रहे हैं। जोताई के लिए ट्रैक्टर व अन्य उपकरणों के साथ उनके सड़क पर आने को लेकर पुलिस की ओर से कोई प्रतिबंध नहीं है, हालांकि इस बात की उनको सख्त हिदायत दी जा रही है कि वह भीड़ से बचे। आपस में दूरी बनाते हुए काम करें। मास्क से मुंह व नाक को ढके रखें।

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