प्‍यार और लालच के चक्‍कर में कई महिलाओं ने अपने पति को उतारा मौत के घाट, पढ़े पूरी खबर

सात फेरे लेते समय पति-पत्नी एक दूसरे का जीवनभर साथ देने के वचन लेते हैं। बुलंदशहर में इसका उल्टा हो रहा है। पांच माह में सात महिलाओं ने अपने पतियों को मौत के घाट उतार दिया। इस काम में इन सभी का साथ उनके प्रेमियों ने दिया। यह सब केवल प्यार और लालच के फेर में हो रहा है। हाल ही में खुर्जा की रहने वाली एक महिला ने तो अपने पति की हत्या करके उसके शव को सात दिनों तक घर में ही छिपाकर रखा। जब लगा कि बदबू आनी शुरू हो जाएगी। तब अपने प्रेमी से शव को बाहर डलवा दिया।

इन महिलाओं ने कराया अपने पतियों का कत्ल

– 14 फरवरी को डिबाई के प्रमोद की हत्या उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर की। दोनों जेल गए।

– 26 फरवरी को खुर्जा देहात के गांव नंगलाशेखू में बिजेंद्र उर्फ झगड़ू की गला दबाकर हत्या की गई। इसमें पत्नी और उसका प्रेमी जेल गए।

– पांच मई को सिकंदराबाद निवासी राहुल को पत्नी और प्रेमी ने मिलकर गला दबाकर मारा।

– 16 सितंबर को बीबीनगर निवासी स्कूल कर्मचारी की हत्या। पत्नी ने बेटे के साथ मिलकर वारदात की।

– 11 जुलाई को पहासू में किसान बलबीर की हत्या। पत्नी और पुत्री ने अपने प्रेमियों से मिलकर बलबीर को मरवाया।

– 14 जुलाई को डिबाई के गांव गंगापुर में श्रीपाल की हत्या। मृतक की पत्नी सरोज ने जमीन के लालच में हत्या कराई।

– 15 जुलाई को खुर्जा के तरीनान निवासी नईम की हत्या। प्रेमी जुबैर और पत्नी जीनत ने हत्या की।

बच्चे हो गए लावारिश

मोहल्ला तरीनान निवासी जीनत की शादी करीब छह साल पहले नईम के साथ हुई थी। वर्तमान में जीनत को मात्र पांच साल की बेटी है। इस बच्ची की मां जीनत जेल चली गई। पिता की मौत हो चुकी है। एक तरह से जीनत की बेटी लावारिश हो चुकी है। हालांकि जीनत ने बताया कि उसने अपनी बेटी को अपने मायके में सौंप दिया है। वह उसकी देखभाल करेंगे। इसी तरह से अन्य दंपतियों के बच्चे भी किसी दूसरे के भरोसे ही हैं।

एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने कहा कि बुलंदशहर में इस तरह का अपराध कुछ अधिक है। जिसका मुख्य कारण केवल प्यार और लालच है। कोई जमीन के लालच में अपने पति की हत्या करा रही है तो कोई प्रेमी के बहकावे में आकर। 

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