प्रधान और जिला प्रशासन मिलकर गांव का करेंगे विकास : डीएम

  •  दो दिवसीय कार्यशाला में डीएम ने प्रधानो को दी तमाम जानकारियां

शाहजहाँपुर। ग्राम प्रधान एक संवैधानिक पद पर आसीन होता है, उनकी गरिमा है। विकास की आधार शिला उनके द्वारा ही रखी जाती है। ग्राम प्रधान और जिला प्रशासन की टीम कन्धा से कन्धा मिलाकर गांव का चतुर्दिक विकास करेंगे।
यह विचार डीएम विजय किरन आनन्द ने नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन, क्षमता विकास एवं जागरूकता के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के अग्रिम दिन ब्लाक खुदागंज, निगोही, भावलखेड़ा, ददरौल, सिंधौली, पुवायां, बण्डा व खुटार के आये ग्राम प्रधानों एव विकास से जुड़े कर्मचारियों, अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधानों की इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के विषय में बताना है। जिले के ज्यादातर ग्राम प्रधान नये है और उनमें कार्य करने की क्षमता है, वे गाँवो का विकास करना चाहते है किन्तु जानकारी के अभाव में वह सफल नहीं हो पातें। इसलिए आज शासन द्वारा संचालित समस्त योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ उनके अधिकारों और कर्तव्यों के विषय में बताया जा रहा है। पंचायतीराज अधिनियम के साथ-साथ ग्राम पंचायत की विकास योजना बनाने की भी पूरी जानकारी दी जा रही है। डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान अगले 5 वर्ष की जो विकास योजना बनायें वह ऐतिहासिक और ठोस योजना बनाये। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए जितनी भी धनराशि चाहेंगे वह मिलेगी। ग्राम पंचायतों के लिए जितना पैसा आता है वह पूरा पैसा उनके खाते में जायेगा। कोई भी कटौती नहीं होगी। ग्राम प्रधान किसी भी कार्य के लिए किसी को एक पैसा नहीं देंगे। अगर कोई उनके कार्यो में रोड़ा बने या गुंडई, दबंगई करें तो सीधे मेरे टेलीफोन न. 05842-220019 पर फोन कर अवगत करायें, यदि ग्राम प्रधानों की बात कोई विभाग न सुने तो हमें सीधे मोबाइल पर बताये, सम्बन्धितों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम प्रधान अपने गाॅव को स्वच्छ और सुन्दर बनाये। बाहर खुले में शौच करने वालों के यहाँ शौचालय बनवायें। शौचालय ऐसे ढंग से बनवायें कि वह अगले 15-20 वर्ष चले। मात्र शौचालय बनाकर छोड़ न दें, उसका उपयोग भी लोग करें। डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान की सलाह, बात जो न माने तो ग्राम प्रधान उन पर 500 रुपयें का जुर्माना लगा सकते हैं। उन्होंने खुले में शौचमुक्त ग्राम का आहवान किया जिस पर सभी प्रधानों ने पूरी सहभागिता करने का आश्वासन दिया। डीएम ने कहा कि गाँव के किसी गरीब व्यक्ति का बच्चा यदि कुपोषित है तो उसे पोषण की श्रेणी में लाने की पूरी सहायता करें। कोई भी गरीब असहाय, अपाहिज परिवार हो तो उसकी पूरी सहायता करें। संचालित कल्याणाकारी योजनाओं में पात्रों को लाभान्वित करें। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान अपने गांव की शांति व्यवस्था बनाये रखे। यदि कोई दंबग शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है तो सभी ग्राम प्रधान पुलिस अधीक्षक व हमें सूचित करे। कानून को अपने हाथों में न ले।

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