पुनर्गठन पेयजल परियोजना का ग्रामीणों के हंगामे की बीच हुआ शुभारंभ, 144 करोड़ रुपए की है योजना

रिपोर्टर- सुनील सोनकर

मसूरी- 144 करोड़ रुपए की लागत की बहुअपेक्षित मसूरी पुनर्गठन पेयजल परियोजना मसूरी कैंपटी ग्राम भेंडियाना के गस्ती तोक में टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह और मसूरी विधायक गणेश जोशी द्वारा संयुक्त रूप से विधिवत भूमि पूजन कर योजना का शुभारम्भ किया गया।

परियोजना

मसूरी पुनर्गठन पेयजल परियोजना भूमि पूजन कार्यक्रम शुरू होने से पहले भूमि के स्वामी और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया. उन्होंने जल निगम के अधिकारियों पर कार्यक्रम की सूचना के साथ भूमि अधिग्रहण और मुआवजा देने की कार्रवाई न किए जाने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की, जिसपर उन्होंने जमकर हंगामा किया. वहीं मसूरी विधायक द्वारा ग्रामीणों को बड़ी मुश्किलों से  शांत कराया गया.

600 शिक्षकों ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ छेड़ा आंदोलन, प्राथमिक विद्यालयों में नहीं हुई नियुक्ति

वहीं दूसरी ओर टिहरी सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह द्वारा भी जल निगम के अधिकारियों को परियोजना के बारे में कोई भी जानकारी के साथ कार्यक्रम की जानकारी ना दिए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की. इसकी शिकायत केंद्रीय स्तर पर करने की भी बात कही गई. उन्होंने कहा कि कुछ विभाग के अधिकारी उनको नजरअंदाज कर रहे हैं जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

मसूरी पुनर्गठन पेयजल परियोजना के शुभारम्भ के कार्यक्रम में ग्रामीणों ने मसूरी विधायक के सामने क्षेत्र की समस्याओं और मुद्दे रखे जिसमें मसूरी बंगलो की कांडी, सैंजी, सिया, कैम्पटी क्षेत्र में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिये पेयजल लाइन बिछाने की मांग की गई। मसूरी विधायक ने क्षेत्र की जनता को आश्वासन दिया कि पहले कैम्पटी और यमुना के आसपास के क्षेत्र की पेयजल की समस्या को दूर किया जाएगा  तब मसूरी में पेयजल योजना का शुरूआत होगी।  उन्होंने कहा कि मसूरी और आसपास के क्षेत्र में विकास करना ही उनकी प्राथमिकता है और इसी को लेकर उनके द्वारा मसूरी में पेयजल के संकट को देखते हुए केन्द्र सरकार के माध्यम से 144 करोड़ की मसूरी पुनर्गठन पेयजल योजना की स्वीकृत कराई गई है.  आज से योजना का कार्य शुरू कर दिया गया है.

 

उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर भूमि स्वामी ने कुल सवाल उठाए थे जिसको पेयजल के अधिकारियों से दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण को लेकर भूमि स्वामी को चार गुना मुआवजा दिया जाना है जिसको लेकर शासन स्तर पर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि मसूरी पुनर्गठन पेयजल योजना के पूरा होने के बाद आने वाले 40 सालों तक मसूरी में पेयजल की समस्या नहीं आएगी. मसूरी विधायक गणेष जोषी ने कहा कि जल्द मसूरी में दो बड़ी पार्किग का निर्माण होना है व भिलाडू स्टेडियम भी बनाया जाना है जिसका जल्द प्रदेष के मुख्यमंत्री त्रवेन्द्र सिंह रावत शिलान्यास करेंगे।

आईटी छापे को लेकर सीएम का बयान,  राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई- सीएम

भूमि स्वामी नरेंद्र सिंह ने कहा कि सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मसूरी पुनर्गठन पेयजल योजना के शुभारंभ की सूचना उनके साथ ग्रामीणों को नहीं है. वहीं भूमि अधिग्रहण और मुआवजा देने को लेकर अभी पूरी कार्यवाही नहीं हो पाई है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्रीय निवासी दीपक रावत ने कहा कि क्षेत्र के कुछ लोग योजना को लेकर राजनीति कर रहे हैं जो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने का कि मसूरी पुनगर्ठन पेयजल योजना क्षेत्र के विकास के लिए है वहां सभी के सहयोग से यह पूरी होगी जिससे क्षेत्र की जनता को लाभ मिलेगा।

 

पेयजल अधिशासी अभियंता सुभाश चंद्रा ने बताया की मसूरी पुनर्गठन पेयजल परियोजना 135 एलपीसीडी के तहत डिजाइन की गई है जो यमुना नदी से होते हुए मसूरी के राधा भवन तक आयेगी और इसकी कुल दूरी 16 किलोमीटर लंबी होगी। उन्होंने कहा कि योजना को पूरा करने में 2 साल का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि भूमि स्वामी के जमीन अधिग्रहण के साथ मुआवजा देने की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है जिसको जल्द पूरा कर लिया जायेगा।

 

=>
LIVE TV