निर्भया केसः दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज, 22 जनवरी को होगी फांसी…

निर्भया सामूहिक रेप केस के दोषियों को अब फांसी की सजा सुना दी गई है साथ ही उनका फांसी लगना तय है। इस केस के दो दोषी विनय शर्मा और मुकेश ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन डाली थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया।

क्यूरेटिव पिटीशन खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने पांच जजों की पीठ ने पीठ ने सहमति से यह फैसला सुनाया। अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया है।

न्यायमूर्ति एन वी रमणा, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ विनय शर्मा और मुकेश की ओर से दायर समीक्षा याचिका पर आज पौन दो बजे सुनवाई शुरू की। इसके लिए उन्होंने पांच मिनट का समय तय किया था। जस्टिस रमना के चेंबर में यह सुनवाई पूरी हुई है।

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क्यूरेटिव याचिका

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अगर कोई दोषी सजा से बचना चाहता है तो वह सुप्रीम कोर्ट में अंतिम याचिका दाखिल कर सकता है। यह सजा से बचने का आखिरी तरीका होता है। सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे फांसी की सजा का वारंट जारी किया है।

 

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