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यहां रुकते हैं वीआईपी से वीवीआईपी तक, अब 407 अरब की खातिरदारी चुकाएगी सरकार!

दिग्गज नेता बकाएदारहल्द्वानी। उत्तराखंड के पहाड़ी सौन्दर्य को निहारने देश विदेश से हर साल लोग जमा होते हैं। यहाँ आने वाले पर्यटकों का मुख्य आकर्षण केंद्र नैनीताल की झील रहती है। पर्यटकों के अलावा अगर बात की जाए तो देश के बड़े-बड़े नेता, ब्यूरोक्रेट्स, अधिकारी और उनके रिश्तेदारों का भी यहाँ आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद आज राज्य के आय के स्रोत बने राज्य अतिथि गृह आज पर्यटन स्थलों में सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। बता दें सफ़ेद हाथी से आशय यह है कि इन अतिथि गृहों की आय उतनी नहीं हो पाती जितना सरकारी खजाने से इन पर खर्च हो जाता है। इतना ही नहीं इस मामले से जुड़ी जो हकीकत सामने आयी है उसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। यहां के अतिथि ग्रह की लिस्ट में शामिल बड़े-बड़े नामचीन नाम और देश के दिग्गज नेता बकाएदार हैं।

दिग्गज नेता बकाएदार   

सरकारी कामकाज व निजी कामो से आने वाले लोगों के लिए सबसे मुफीद जगह मानी जाती है नैनीताल क्लब, जो कि राज्य अतिथि ग्रह है। यहा सरकारी मुलाजिमो से लेकर अधिकारियों व नेता मंत्रियों को विशेष छूट दी जाती है। हमेशा प्रयटको से फुल रहने वाला नैनीताल क्लब ,आमदनी अठन्नी और खर्चा रूपयया की तर्ज पर अपनी कहानी बया कर रहा है।

पिछले पांच सालो में नैनीताल क्लब से राज्य सरकार को एक करोड 26 लाख 50 हजार 285 रूपये की आमदनी हुयी है जबकि खर्च सुनकर आप हैरान हो जायेगें। पिछले पांच सालो में खर्च लगभग दुगना है दो करोड 1 लाख 44 हजार 479 रूपये।

सूचना के अधिकार से मांगी गयी जानकारी में इस बात का खुलाशा हुवा है कि किस तरह राज्य के अतिथि गृह राज्य की आय बढ़ाने के बजाय सरकार उल्टा राज्य के बजट को उस पर खर्च कर रही है।

ये तो थी आमदनी अठन्नी और खर्चा रूपया की बात अब इससे भी हैरान करने की वाली बात ये है कि राज नेताओ, मंत्रियों व ब्यूरोक्रेट्स को छूट देने वाले इस नैनीताल क्लब में आज भी बड़े-बड़े दिग्गज दिग्गज नेता बकाएदार हैं।

आरटीआई से मिली जानकारी में नैनीताल क्लब की उधारी के देनदारों की लिस्ट में मुख्य नामो में नजर डाली जाय तो बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी, बीजेपी में शामिल हुई रीता बहुगुणा जोशी, बिनोद नोटियाल तत्कालीन सुचना आयुक्त, पुष्पेश त्रिपाठी तत्कालीन विधायक द्वाराहाट, तीरथ सिंह रावत र्पूव प्रदेश अध्यक्ष बीजपी, अजय सेतिया अध्यक्ष बाल संरक्षण आयोग, सुर्वधन सिंह तत्कालीन राज्य निर्वाचन आयुक्त, राजेन्द्र कोटियाल राज्य सुचना आयुक्त, इसके अलावा सैकड़ों ब्यूरोक्रेट, केन्द्रीय मंत्रियों के पीएस, राज्य के मंत्रियों के पीआरो, राज्य के प्रमुख्य शिक्षा संस्थानो के प्रोफसर व अधिकारी सब नैनीताल क्लब के देनदार हैं।

बरहाल ये देनदारी कब चुकता होगी कहा नही जा सकता लेकिन छोटा सा राज्य उत्तरखण्ड जहां आय के श्रोत बहुत कम है, वहां इस तहर की छूट और लूट बस्तूर जारी है।

नैनीताली क्लब के अलावा राज्य के अन्य राज्य अतिथि गृहों की हालत इससे ज्यादा बत्तर है जो कभी राज्य की आय का प्रमुख श्रोत हुवा करते थे।

अब राज्य चलाने वाले नेता, मंत्री ब्यूरोक्रेट ही राज्य अतिथि गृहों का बकाया नही चुकायेगें तो इस राज्य का 407 अरब कर्जे में जाना लाजमी है।

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