चरणबद्ध तरीके से तमिलनाडु में होगी शराबबंदी

jaylalitha_5530c68297748एजेन्सी/चेन्नई : सत्ता में आने पर पूर्ण शराबबंदी का वादा करने वाली अन्नाद्रमुक सरकार ने अब अन्नाद्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री जे. जयललिता के माध्यम से तमिलनाडु में चरणबद्ध तरह से शराब बंदी लागू करने का आश्वासन दिया है। यदि ऐसा होता है तो बिहार के बाद इस राज्य में शराबबंदी का प्रयास किया जाएगा। प्रतिबंध का समर्थन करने हेतु चिर – प्रतिद्वंद्वी द्रमुक प्रमुख एम. करूणानिधि की आलोचना मुख्यमंत्री जयललिता ने की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1971 में उन्होंने शराब बंदी कानून में ढील दी। वे मुद्दों को राजनीतिक कारणों से उछालने में लगे हैं।

दरअसल पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान को प्रारंभ करते हुए मुख्यमंत्री जयललिता द्वारा कहा गया कि प्रतिबंध 1937 में सलेम में प्रारंभ हुआ। जो कि चरणबद्ध तरह से होते हुए 30 जनवरी 1948 को तमिलनाडु में पूर्ण प्रतिबंध लागू हुआ। इस मामले में जयललिता ने कहा कि मतदाताओं की बात सुनना जरूरी है। मिली जानकारी के अनुसार 30 जनवरी 1948 को तमिलनाडु में पूर्ण – प्रतिबंध लागू किया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने कहा कि शराब पर प्रतिबंध में ढील अगस्त 1971 में करूणानिधि सरकार द्वारा ही दी गई थी। उनका कहना था कि उन्हें एक दिन में छुटकारा नहीं मिला।

आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि यह चरणबद्ध तरीके से किया जाने वाला है। जे. जयललिता ने कहा कि पहले कदम के तौर पर शराब विक्रय वाली दुकानों के खुलने का समय कम किया जाएगा। पहले कदम के तौर पर शराब बेचने वाली दुकानों के खुलने का समय कम किया जा सकता है। ऐसे में उनकी संख्या कम हो जाएगी। 

राज्य में चरणबद्ध तरह से शराबबंदी से जुड़ी मुख्यमंत्री जयललिता के बयान को द्रमुक ने लोगों को ठगने का प्रयास किया है। द्रमुक के कोषाध्यक्ष एमके स्टालिन द्वारा कहा गया कि आश्वासन का उद्देश्य लोगों को ठगना बताया गया है। स्टालिन द्वारा कहा गया कि वे अन्नाद्रमुक की रैली में जे. जयललिता के भाषण पर चर्चा करने के साथ अपना

=>
LIVE TV