तकनीक से होगी 2900 किमी सीमा की निगरानी, केंद्र ने दी मंजूरी

india-pakistan-border-security_570b41fc5c4f7एजेन्सी/नई दिल्ली : पठानकोट हमले से सजग हुई मोदी सरकार ने पाकिस्तान से सटे 2900 किमी लंबी पश्चिमी सीमा को और भी अधिक कड़ी सुरक्षा से महफूज करने की निर्णय लिया है। इसके तहत बॉर्डर पर फाइव लेयर सुरक्षा की व्यवस्था की जाएगी। आजादी के बाद यह पहली बार है, जब 2900 किमी लंबे इंटनेशनल बॉर्डर को पूरी तरह लॉक किया जाएगा।

नई तकनीक के जरिए 24 घंटे यहां नजर रखी जाएगी। एक अधिकारी के कहे अनुसार, सीमापार की हलचलों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे, थर्मल इमेज और नाइट विजन उपकरण, युद्ध के मैदान में निगरानी के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले रडार, भूमिगत मॉनिटरिंग सेंसर और लेजर बैरियर्स लगाए जाएंगे।

इन उपकरणों की व्यवस्था कुछ ऐसी है कि यदि सीमा पर घुसपैठ होती है और कोई एक उपकरण बंद हो जाता है, तो दूसरा उपकरण कंट्रोल रुम को इस बारे में सूचना देगा। जिन जगहों पर फेंसिंग नहीं हुई है, वैसी 130 जगहों पर लेजर बैरियर्स लगाए जाएंगे।

जिनमें जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और नदी वाले इलाके से लेकर गुजरात तक के हिस्से शामिल है। पड़ोसी मुल्क से आने वाले आतंकी या तस्कर ज्यादातर प्रवेश के लिए इन्हीं इलाकों का प्रयोग करते है। सरकार ने सीआईबीएमएस यानि कॉम्प्रिहेंसिव बॉर्डर मैनेजमेंट तकनीक के जरिए सालों भर बॉर्डर की निगरानी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

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