जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाल व्यवस्था, आखिर जिम्मेदार कौन…

रिपोर्ट -रंजीत सोनी

राजपुर, बलरामपुर। बलरामपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा है।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हो या फिर उप स्वास्थ्य केन्द्र हर जगह स्टाॅफ की मनमानी से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है।ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

बलरामपुर

राजपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुंदी खुर्द में जहां अस्पताल तो है और स्टाॅफ की पोस्टींग भी है लेकिन अस्पताल में हमेशा ताला लटकते रहता है।सर्दी खांसी के मरीज तो किसी तरह दुकान से गोली खरीदकर अपना स्वास्थ्य ठीक कर रहे हैं लेकिन यहां गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड रहा है।

दो दिन पूर्व यहां दो महिलाऐं प्रसव पीडा से कराह रही थीं और प्रसव के लिए उप स्वास्थ्य केन्द भी पहुंची लेकिन उप स्वास्थ्य केन्द्र में ताला जटक रहा था।प्रसव पीडा से कराह रही एक गर्भवर्ती ने बंद अस्पताल के सामने ही बच्चे को जन्म दिया तो वहीं दूसरी महिला ने घर में जाकर बच्चे को जन्म दिया।अच्छी बात ये रही की प्रसव के बाद दोनों बच्चे स्वस्थ हैं लेकिन अस्पताल में पदस्थ एएनएम और अन्य स्टाॅफ की लापरवाही के कारण ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।

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प्रसव से कराहती महिला जब उप स्वास्थ्य केन्द्र पहुंची थी तब वहां पदस्थ मितानिन ने कई बार महिला एएनएम को फोन किया लेकिन एएनएम शांति रोहित ने फोन ही नहीं उठाया है और नहीं अस्पताल पहुंची,अस्पताल में इलाज के लिए एमपीडब्ल्यू विजय कुमार की भी पोस्टींग है लेकिन वह भी हमेशा अस्पताल से गायब ही रहता है और सरकार हर महिने यहां पदस्थ स्टाॅफ को फ्री में बिना काम किए ही वेतन दे रही है।

गांव के उपसरपंच ने बताया की अस्पताल की ये व्यवस्था सालों से ऐसी ही बनी हुई है,गर्भवती महिलाएं गरीब होने के कारण बाहर नहीं जा पाती हैं और यहीं उन्हें जान जोखिम में डालकर कभी अस्पताल के बाहर तो कभी घर में बच्चे को जन्म देती हैं।उन्होने कई बार इसकी शिकायत की लेकिन आज तक इसमें कोई कारवाई नहीं की गई है वहीं मामले में ब्लाक मेडिकल आफिसर की मानें तो वो इस मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कर रहे हैं

 

 

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