घाघरा नदी का घटता-बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों की बढ़ा रहा परेशानी

घाघरा नदी का घटता-बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों की परेशानी बढ़ा रहा है। घाघरा की लहरें टिकुरी गांव को निगल रही है। शनिवार को चार आशियाने व 10 बीघे जमीन धारा में समा गई। कटान के भय से ग्रामीण अपने मकानों को उजाड़कर सुरक्षित स्थान पर शरण ले रहे हैं।

तेज लहरें टिकुरी गांव को अपने आगोश में समाने को बेताब दिखा रही हैं। गांव के ननक, रंगीले, छैलू, कृष्णलाल के आशियाने धारा में विलीन हो गए। मंशाराम, जानकी अपनी गृहस्थी को सुरक्षित करने में जुटे रहे। विश्राम अपने सहयोगियों के साथ हथौड़े बरसाकर ईंटों को उजाड़ रहे थे। गांव के कूबर, संतराम, श्यामलाल, विजय कुमार, रामकुमार, श्रीपाल, रामशंकर की 10 बीघे जमीन धारा में समा गई। कटान की तीव्रता से लोग सहमे हुए हैं। नदी की लहरें लगातार आबादी को समेट कर आगे बढ़ रही हैं। गांव में बनी पक्की सीसी रोड कट रही है।

सरयू ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता वीवी पाल ने बताया कि शारदा बैराज से 23445, गिरजा बैराज से 87476 व सरयू बैराज से 6215 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एल्गिन ब्रिज पर 106.07 मीटर लाल निशान के सापेक्ष घाघरा का जलस्तर 105.696 मीटर रिकॉर्ड किया गया। घाघरा लाल निशान से 37 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि कटान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कटान पीड़ित परिवारों को पॉलीथिन व अहेतुक सहायता दी जा रही है।

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