पठानकोट एयरबेस हमले के चार पाकिस्तानी आतंकियों की कैसे हुई पहचान?

108668-105754-pathankotएजेन्सी/  नई दिल्ली: अंग्रेजी अखबार द हिंदू में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के कुछ गुमनाम व्यक्तियों ने मारे गए चार पाक आतंकियों की पहचान करने में मदद की। इन्हीं लोगों की मदद की वजह से इस मुठभेड़ में मारे गए सभी चार पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान हो पाई। रिपोर्ट के मुताबिक इन चार पाकिस्तानी आतंकियों के बारे में शिनाख्त होने और पूरी सूचना हासिल करने के बाद ही एनआईए ने अपनी वेबसाइट पर इन पाक आतंकियों की तस्वीरों को अपलोड किया था। 

रिपोर्ट के मुताबिक पाक आतंकियों की शिनाख्त में मदद करनेवाले गुमनाम व्यक्ति कई देशों के है जिनमें एक पाकिस्तान भी शामिल है। इन सबने भारतीय अधिकारियों से संपर्क साधा और मारे गए सभी चार आतंकियों के बारे में सूचना मुहैया कराई जो पठानकोट एयरबोस हमले में मारे गए थे। इन सूचनाओं के अलावा फोन इंटरसेप्ट्स और खुफिया एजेंसियों द्वारा हासिल सूचना के आधार पर भी आतंकियों की शिनाख्त करने में मदद मिली। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान से हाल ही में आई ज्वाइंट इन्वेस्टिगेंटिंग टीम यानी जेआईटी के अधिकारी भी दी गई इस जानकारी से सहमत थे। 

मारे गए चार पाकिस्तानी आतंकियों के नाम हाफिज अबू बक्र (गुजरांवाला, पंजाब का निवासी), उमर फारूक (सांघर, सिंध प्रांत का निवासी), नसीर हुसैन (वेहारी, पंजाब का निवासी), अब्दुल कयूम (सुकूर, सिंध का नागरिक) है। पाकिस्तान की जेआईटी टीम को हमलावर आतंकियों के डीएनए सैंपल भी दिए गए है ताकि उसका मिलान आतंकियों के परिजनों और उनके सदस्यों से मैच कराकर उसे देखा-परखा जा सके। 

पाकिस्तान की तरफ से पठानकोट हमले की जांच के लिए गठित ज्वाइंट इनवेस्टिगेशन (जेआईटी) टीम के सदस्यों ने पिछले महीने हमलों की जांच के सिलसिले में पठानकोट वायुसेना बेस का दौरा किया था। जेआईटी की इस टीम में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लोग भी शामिल थे। गौर हो कि वर्ष 2016 की शुरूआत में पठानकोट वायुसेना बेस पर हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों और हमलावरों के बीच तकरीबन 80 घंटे तक गोलीबारी चलती रही थी। इस घटना में सात जवान और चार आतंकवादी मारे गए थे।

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