खतरे में पड़ी PM मोदी की “आदर्श ग्राम योजना”, माननीयों ने किया बुरा हाल

एक तरफ PM मोदी पूरे देश में अपनी योजनाओं को लेकर अपनी जी जान लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके माननीय उनकी योजनाओं में खुद ही पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. आपको बता दें कि PM मोदी ने गाँवों को आदर्श बनाने के लिए आदर्श ग्राम योजना की मुहीम चलाई थी. लेकिन अब जब उसका रिजल्ट देखने का टाइम आया तो माननीय बगलें झांकते दिखे.

  सांसद आदर्श ग्राम योजना

PM मोदी की योजना में माननीयों ने लगाया पलीता-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद आदर्श ग्राम योजना मुहिम को ‘माननीयों’ ने झटका दे दिया है. 2019 से 2024 के लिए योजना के शुरू हुए दूसरे चरण में आधे से भी कम सांसदों ने गांव गोद लिए हैं. इससे चिंतित ग्रामीण विकास मंत्रालय ने सभी सांसदों को पत्र जारी कर गांव गोद लेने की अपील की है. यह हाल तब है जब 2019 में जीते नए सांसदों को गांवों को गोद लेने की ट्रेनिंग भी मिल चुकी है.

परिणाम देखने पर बगलें झांकते दिखे माननीय-

ग्रामीण विकास मंत्रालय अब सांसदों को गांव गोद लेने के लिए प्रेरित करने में जुटा है. दरअसल, बीते 19 और 20 दिसंबर को ग्रामीण विकास मंत्रालय में एक अहम बैठक हुई थी, जिसमें पता चला था कि करीब ढाई सौ गांवों को ही सांसदों ने गोद लिया है.

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19 दिसंबर से पहले और कम गांव गोद लिए गए थे, जिसके कारण 11 जुलाई और आठ अक्टूबर को दो बार ग्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील करनी पड़ी थी. इससे गोद लिए गांवों के आंकड़ों में कुछ सुधार आया. मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग के होने के बाद अब तक फरवरी में कुल तीन सौ गांव ही गोद लिए जा चुके हैं. जबकि लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर कुल 788 सांसद हैं.
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