कोरोना वैक्सीन आने के बाद ही खुलेंगे स्कूल? दिल्ली सरकार लेना नहीं चाहती रिस्क

कोरोना महामारी ने सभी कुछ बिगाड़ कर रख दिया है। वहीं राजधानी दिल्ली में कोरोना सक्रंमण अपने चरम पर है। ऐसे में बताया जा रहा है कि स्कूलों को खोलना खतरे से खाली नही है। यदि बात करें दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) की तो उन्होंने कोरोना महामारी के चलते स्कूलों को खोलने पर रोक लगा दी है। सिसोदिया के मुताबिक दिल्ली में कोरोना महामारी की तीसरी लहर जारी है बावजूद इसके यदि स्कूलों को खोलने का आदेश दिया जाए तो यह बच्चों को कोरोना संक्रमण के खतरे में ढकेलने जैसा ही होगा।

सिसोदिया ने स्कूल खोलने पर कहा कि अभी यह सही समय नही है। साथ ही उन्होंने अभिभावकों के लिए भी कहा कि वे लोग भी अपने बच्चों के साथ रिस्क लेने के लिए तैयार नही है। सिसोदिया ने कहा कि इस लिए वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्कूल खोलने का रिस्क न हम लेना चाहेंगे और ना ही अभिभावक।

जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में सभी स्कूल मार्च से बंद हैं। बच्चों की पढ़ाई में होने वाले नुकसान को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने सिर्फ 9 से 12 तक की कक्षाओं के लिए आदेश जारी किए हैं। यदि बात करें सिसोदिया की तो उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दैरान बताया कि केंद्र सरकार से उन्हें पर्याप्त सहायता मिल रही है।

सिसोदिया ने कहा कि, ‘हमारी पूरी टीम मिलकर कोरोना महामारी से लड़ रही है।’ जब उन से बढ़ते कोरोना मामलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसका प्रमुख कारण बढ़ते प्रदूषण को बताया। साथ ही बताया कि दिल्ली में पराली जलाने से कोरोना मरीजों पर भारी मार पड़ी है। सिसोदिया ने अपनी व्यवस्था को बताते हुए कहा कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

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