कोरोना वायरस पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति की हुई खास बातचीत, महामारी से लड़ाई में करेंगे सहायता…

दुनियाभर में फैली महामारी कोरोना वायरस से हर कोई परेशान है. ऐसे में कोई अपने घर से निकलने से भी डर रहा है. ऐसे में एक खास खबर आ रही है.  कोरोना वायरस को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी  और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  के बीच फोन पर बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने ट्वीट कर बताया कि भारत-अमेरिका के बीच कोरोना वायरस पर एक अच्छी चर्चा हुई है. साथ ही दोनों देश कोविड-19  से लड़ाई में एक-दूसरे की सहायता के लिए सहमत हैं.

कोरोना बात

 

 

कोरोना वायरस महामारी से पैदा हुई स्थिति से निपटने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ विस्तृत बातचीत की. दोनों नेताओं ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत-अमेरिका साझेदारी की पूरी ताकत का उपयोग करने का संकल्प लिया. पीएम मोदी ने इस बातचीत के बारे में ट्वीट कर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा हुई.

 

 

उन्होंने कहा कि हमारी चर्चा काफी अच्छी रही और हमने कोविड-19 से निपटने में भारत-अमेरिका साझेदारी की पूरी ताकत का उपयोग करने पर सहमति व्यक्त की. गौरतलब है कि अमेरिका में कोरोना वायरस संक्रमण के अब तक 2,78,458 मामले सामने आए हैं और 7,100 से अधिक मौतें हुई हैं. वहीं, भारत में 3,000 से अधिक मामले दर्ज किये गये हैं और 68 लोगों की मौतें हुई हैं.

देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 100 के करीब पहुंची, सरकार ने दशहत में नहीं आने को कहा

देश में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या शनिवार को 100 के करीब पहुंच गई और संक्रमितों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दहशत में आने की जरूरत नहीं है क्योंकि देश में इस वायरस के फैलने की दर कई अन्य देशों की तुलना में कम है और 30 प्रतिशत मामले सिर्फ ‘‘एक खास स्थान’’ से संबद्ध हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिये जांच कार्य तेज कर दिया गया है और अब प्रतिदिन 10,000 से अधिक जांच की जा रही है. मंत्रालय ने इस संकट से निपटने में ‘लॉकडाउन’ का पालन जारी रखने और सामाजिक मेल जोल से दूर रहने के अलावा व्यक्तिगत स्तर पर एवं पर्यावरण को स्वच्छ रखने पर जोर दिया है.

 

अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के कम से कम 1,023 मामले पिछले महीने दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए तबलीगी जमात के धार्मिक कार्यक्रम से संबद्ध पाये गये हैं, लेकिन तबलीगी जमात से जुड़े करीब 22,000 लोगों सहित उनके संपर्क में आये लोगों को विभिन्न प्राधिकारों के व्यापक प्रयासों से पृथक वास में रखा जा रहा है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि निजामुद्दीन में हुए धार्मिक कार्यक्रम से जुड़े कोविड-19 संक्रमण का तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित 17 राज्यों में पता चला है, इससे यह जाहिर होता है कि उनमें से करीब 30 प्रतिशत मामले, ‘एक खास स्थान से है जहां हम इसे समझ नहीं सकें और इससे निपट नहीं सके. रोजाना के संवाददाता सम्मेलन में अग्रवाल और अन्य सरकारी अधिकारियों द्वारा साझा किये गये आंकड़ों से यह जाहिर होता है कि संक्रमण का पता लगाने के लिये प्रत्येक 25 लोगों की जांच में औसतन एक मामला पॉजिटिव पाया गया, जबकि संक्रमित पाये गये मरीजों में मृत्यु दर 30 में एक से भी कम प्रतीत हो रही है.

अग्रवाल ने बताया कि अब तक 75,000 नमूनों की जांच की गई है. कुछ दिन पहले की करीब 5,000 नमूनों की जांच की संख्या दोगुनी होकर 10,000 से अधिक हो गई है. हालांकि, सरकारी प्रयोगशलाएं (लैब) बढ़ कर 100 से अधिक हो गई हैं और कई निजी लैब को भी जांच के कार्य में लगाया गया है. पिछले साल दिसंबर से इस महामारी के फैलने के बाद विश्व में अब तक 11 लाख से अधिक लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है और करीब 60,000 लोगों की मौतें हुई हैं. सिर्फ अमेरिका में ही संक्रमण के 2.7 लाख मामले हैं जबकि वहां बृहस्पतिवार और शुक्रवार के बीच 24 घंटों में करीब 1,500 लोगों की मौतें हुई. सर्वाधिक मौतें इटली में हुई हैं और यह संख्या करीब 15,000 है.

अग्रवाल ने कहा कि भारत में पिछले 24 घंटों में 601 मामले बढ़ने के साथ अभी तक कोविड-19 के कुल 2,902 मामले दर्ज किये गये हैं. केरल, दिल्ली और मध्य प्रदेश में इनमें से कम से कम 58 मरीजों की हालत नाजुक है. उन्होंने बताया कि ये 601 मामले इतनी कम अवधि में सर्वाधिक हैं. इसी अवधि में 12 और लोगों की मौत के साथ देश में मृतकों की संख्या बढ़ कर 68 हो गई.

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