कोरोना का कहर: आखिर कब तक करना होगा इंतजारBCCI को,IPL बोर्ड पर सबकी नजरें

पूरा विश्व कोरोना महामारी की चपेट में है. 2020 का खेल कैलेंडर बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कोविड-19 से जुड़ी स्वास्थ्य चिंताओं की वजह से खेल आयोजन या तो स्थगित हो गए हैं या रद्द कर दिए गए हैं. खेलों का महाकुंभ कहा जाने वाला ओलंपिक पहली बार किसी वैश्विक महामारी के कारण स्थगित करना पड़ा. लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) अब भी इंतजार कर रहा है।

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 स्थिति और गंभीर हो गई है-21 दिनों के लॉकडाउन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद से ही बीसीसीआई पर आईपीएल को रद्द करने का दबाव है. माना जा रहा था कि सार्वजनिक जीवन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बोर्ड को जल्द ही फैसला लेना पड़ेगा. बीसीसीआई ने मार्च की शुरुआत में आईपीएल को 15 अप्रैल तक निलंबित कर दिया था, तब उसने कहा था कि टूर्नामेंट की मेजबानी केवल स्थिति में सुधार होने पर किया जाएगा. लेकिन स्थिति और गंभीर हो गई है. भारत में कोरोना के 6000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. अब तक 190 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

एक ही सवाल- ओलंपिक टल गया, लेकिन IPL?

भारत में देशव्यापी लॉकडाउन के तीन हफ्ते 14 अप्रैल को पूरे हो रहे हैं. लेकिन कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा है कि हालात जल्द सामान्य हो पाएंगे. लॉकडाउन की अवधि का आगे बढ़ना तय माना जा रहा है. इस बीच भारत में पहली बार होने वाला फीफा अंडर-17 महिला वर्ल्ड कप का आयोजन भी स्थगित किया जा चुका है. हर तरफ एक ही सवाल है- जब ‘खेल महाकुंभ’ ओलंपिक को टाला जा सकता है, तो उसके सामने आईपीएल तो कुछ भी नहीं है. कोरोना महामारी के मद्देनजर इस चकाचौंध भरी टी-20 लीग पर अब तक कुछ भी फैसला नहीं लेना हैरान करता है।

सच है बड़ा नुकसान होगा, पर क्या है विकल्प?

यह सच है कि आईपीएल के एक सत्र के नहीं होने का आर्थिक प्रभाव काफी बड़ा होगा. कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए चल रहे लॉकडाउन के चलते अगर नुकसान हजारों करोड़ों में होता है, तो धोनी और कोहली ही नहीं, घरेलू खिलाड़ियों को भी कटौती की मार सहनी पड़ेगी. पहली बार खेलने वालों के लिए 20, 40 या 60 लाख रुपये जिंदगी बदलने वाली राशि है. फ्रेंचाइजी के अधिकारी ने स्पष्ट किया कि महामारी के लिए खिलाड़ियों के वेतन का बीमा नहीं किया जाता।

बीसीसीआई अब भी एक वैकल्पिक विंडो तलाश रहा है. आईपीएल निलंबन की तारीख खत्म होने में अब सिर्फ पांच दिन बचे हैं, दूसरी तरफ, कहीं से भी नहीं लग रह है कि लॉकडाउन अवधि खत्म होने को है. मई में आईपीएल कराने का मौका नहीं के बराबर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रेंचाइजी ने कहा था कि वे बंद दरवाजे के पीछे खेलने के लिए तैयार हैं, लेकिन विदेशी खिलाड़ियों के बिना नहीं।

ऐसे हालात में विदेशी खिलाड़ी कैसे आ पाएंगे?

ऑस्ट्रेलिया की ओर देखें, तो वहां के खिलाड़ी अपने देश के नियमों से बंधे हैं. ऑस्ट्रेलियाई सरकार देश के बाहर किसी भी व्यक्ति को यात्रा करने से रोकने के लिए अनिश्चितकालीन (लेवल 4) यात्रा प्रतिबंध जारी कर चुकी है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से आईपीएल में उतरने वालों में पैट कमिंस, डेविड वॉर्नर, एरॉन फिंच, स्टीव स्मिथ जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. उनके बिना आईपीएल के मुकाबले कैसे रहेंगे, सभी जानते हैं. कोरोना महामारी के हालात से इंग्लैंड के खिलाड़ी भी जूझ रहे हैं. बेन स्टोक्स जैसे खिलाड़ी के बिना आईपीएल सीजन कैसा..?

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पूर्व भारतीय कतान सुनील गावस्कर भी कह चुके हैं, ‘कोई परफॉर्मर- यानी म्यूजिशियन हो, आर्टिस्ट हो, या एक्टर हो- जो भी हो, बिना दर्शकों वाली जगह परफॉर्म करे तो ये कैसा रहेगा..? विश्व विजेता पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा है, ‘अगले 6 महीने तक खेल होना ही नहीं चाहिए. इसमें काफी खतरा है. इन दिनों सभी का ध्यान लोगों की जिंदगी बचाने पर होना चाहिए. जब चीजें सामान्य हो जाएंगी तो क्रिकेट फिर से शुरू हो जाएगा. खेल देश से बड़ा नहीं हो सकता.’ अगर बीसीसीआई जैसे-तैसे आईपीएल कराने के पक्ष में फैसला लेता है।

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