कर्नाटक का गणित- पलट सकता है कांग्रेस और जेडीएल का तख्ता, सियासत ने पकड़ा तूर

कर्नाटक। लोकसभा चुनाव से ऐन वक्त पहले दक्षिण की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है. कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी सरकार को समर्थन दे रहे दो निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन वापस ले लिया है. उन्होंने समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्यपाल को भी भेज दी है. ऐसे में एक बार फिर कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर संकट के बादल मंडराते दिख रहे हैं.

कर्नाटक

कर्नाटक सरकार को समर्थन दे रहे एच. नागेश और आ. शंकर ने मंगलवार को समर्थन वापसी की चिट्ठी राज्यपाल को भेजी. एक ओर जैसे ही निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापसी की चिट्ठी लिखी, तो दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रामनाथ शिंदे का कहना है कि अगले दो दिनों में कर्नाटक में BJP की सरकार बन सकती है.

एच. नागेश का कहना है कि पिछली बार भी कांग्रेस ने उन्हें जबरदस्ती अपने मुंबई में पकड़ लिया था. निर्दलीय विधायक का कहना है कि कांग्रेस और जेडीएस में कोई तालमेल नहीं है, यही कारण है कि हम अपना समर्थन वापस ले रहे हैं. विधायक का दावा है कि कुछ कांग्रेस विधायक भी हैं जो इस मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं.

बीजेपी के सभी 104 विधायक पिछले तीन दिनों से दिल्ली में हैं. यहां पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा की अगुवाई में सभी विधायक पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने आए हुए थे. लेकिन पिछले 3 दिनों से दिल्ली में ही हैं. इस बीच बीजेपी में बैठकों का दौर लगातार जारी है. वहीं कांग्रेस का दावा है कि उनके सभी विधायक एकजुट हैं और सरकार को कोई संकट नहीं है.

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क्या है कर्नाटक विधानसभा का समीकरण?

बता दें कि कर्नाटक में बीते साल अप्रैल-मई में चुनाव हुए थे, जिनमें भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. 225 विधानसभा सीटों वाले कर्नाटक में बीजेपी के पास कुल 104 विधायक हैं. सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल के बुलावे पर कर्नाटक में बीजेपी की सरकार तो बन गई थी. हालांकि, विश्वास मत साबित ना होने के कारण दो दिनों में ही सरकार गिर गई थी. जिसके बाद कांग्रेस-जेडीएस ने साथ में सरकार बनाई.

आपको बता दें कि कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए 113 विधायकों की जरूरत है. अभी कुमारस्वामी सरकार के पास कांग्रेस के 80 और जेडीएस के 37 यानी कुल 117 विधायक हैं. जबकि 2 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन वापस ले लिया है, वहीं बसपा का एक विधायक पहले ही समर्थन वापस ले चुका है. गौरतलब है कि बीजेपी के पास अभी 104 विधायक हैं ऐसे में उसे 9 विधायकों की जरूरत है.

कर्नाटक विधानसभा में कुल सीटें – 225

भारतीय जनता पार्टी – 104

कांग्रेस – 80

जेडीएस – 37

बसपा – 1

अन्य – 1

KPJP – 1

मनोनीत  1

कांग्रेस को विधायकों के जाने का डर

सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के कुछ विधायक नाराज चल रहे हैं और मुंबई में डेरा डाले हुए हैं. जबकि बीजेपी भी कांग्रेस के 10 और जेडीएस के तीन विधायकों से लगातार संपर्क साधे हुए है. यही कारण है कि कांग्रेस ने बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोक्त करने का आरोप लगाया है. बीजेपी जल्द ही कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है.

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