आज है देवशयनी एकादशी, अब 5 महीने बाद होंगे मांगलिक कार्य

देवशयनी एकादशी के साथ बुधवार को भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन को चले जाएंगे और चार महीने तक खरमास रहेगा। इस दौरान मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। 25 नवंबर को देव जागृत होने के साथ फिर से सहालग शुरू हो जाएंगे। ज्योतिषविदों के अनुसार इस बार नवंबर व दिसम्बर में कम ही सहालग हैं।

मंगलवार को आखिरी सहालग के चलते शादी समारोह हुए। अब  25 नवंबर से फिर से समारोह होंगे। ज्योतिषविद् विनोद त्रिपाठी बताते हैं कि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देशयनी एकादशी कहा जाता है। इस दिन से चतुर्मास की शुरुआत मानी जाती है। नवंबर में 25, 27 व 30 यानि तीन दिन ही साए हैं जबकि दिसंबर में 1, 6, 7, 9, 10 व 11 को शादी समारोह किए जा सकते हैं। वह कहते हैं कि 17 जनवरी को गुरु अस्त होगा, जो 15 फरवरी को उदय होगा। इससे दो दिन पहले 13 फरवरी को शुक्र डूब जाएगा। इसके बाद 18 अप्रैल से मांगलिक कार्य शुरू हो पाएंगे।

ज्योतिषविद् सुधीर कांत शर्मा बताते हैं कि नवंबर, दिसंबर में चंद शादियों के बाद अप्रैल से फिर से शादियां होंगी। इस अवधि में यज्ञोपवीत संस्कार, विवाह, दीक्षाग्रहण, यज्ञ, गृहप्रवेश, गोदान, प्रतिष्ठा एवं जितने भी शुभ कर्म हैं वे सभी नहीं किए जाते।

=>
LIVE TV