अयोध्या फैसले पर पुनर्विचार की याचिका डालकर देश का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने का प्रयास..

REPORTER-MAHENDRA TRIPATHI

अयोध्या-विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कुछ मुस्लिम संगठन श्रीराम जन्मभूमि के फैसले पर पुनर्विचार याचिका डालकर देश का शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

अब तो “भोलेनाथ और श्रीकृष्ण” भक्तो को भी अपने संकल्पों का स्मरण करना होगा।उन्हे ज्ञात होना चाहिए कि काशी विश्वनाथ और श्रीकृष्ण जन्मभूमि अभी भक्तों के “ऐजेंडे” से विस्मृत नही हुआ है।

ज्ञातव्य हो अयोध्या विवाद फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. जमीयत उलेमा-ए-हिन्द ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुये विहिप ने कहा यह पुनर्विचार याचिका श्रीराम जन्मभूमि पर “सुप्रीम कोर्ट का जो भी निर्णय आयेगा” उसे मानने की बात करने वाले शान्ति प्रिय मुस्लिमों का अपमान है।असलियत मे इस याचिका के पीछे राष्ट्र विरोधी शक्तियां सक्रिय हैं।जो नही चाहती कि हिन्दुओ और मुस्लिमों मे आपसी समन्वय स्थापित हो।

उन्होंने कहा माननीय सुप्रीमकोर्ट के फैसले का स्वागत करने वाले शान्ति प्रिय मुस्लिमऔर फैसले से पूर्व सुनवाई के दौरान ही इसके विरूद्घ माहोल बनाने वाले कट्टरपंथियों की सोच मे व्यापक अंतर है।

उन्होंने कहा माना पुनर्विचार याचिका एक अदालती प्रक्रिया का अंग है।परन्तु इसी मामले से जुड़े सुन्नी वक्फबोर्ड के सदस्यों की पुनर्विचार याचिका आगे ना डालने की सलाह को नजरंदाज करना भी उन सभी का अपमान है।

उन्होंने कहा फैसला आने के पश्चात ही कुछ मुस्लिम पक्षकारों ने आगे अपील करने से इंकार कर दिया था जिसका सम्पूर्ण देश मे स्वागत हुआ।लोगों को प्रतीत हुआ कि अब इस विषय का अंत हो गया लेकिन कुछ तत्वों को यह हजम नही हुआ।

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उन्होंने कहा वैसे तो इस याचिका का हश्र क्या होगा यह इस मामले से जुड़े कानूनविदों को मालुम है।परन्तु इस याचिका ने “भोलेनाथ और श्रीकृष्ण भक्तों” को सोचने के लिए जरूर मजबूर कर दिया है।

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