अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना अपराध नहीं है

delhi-court_570a427b73eb2एजेन्सी/नई दिल्ली: अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। दरअसल दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की के अपहरण और बलात्कार के आरोप से मुक्त कर दिया। दरअसल कथित पीडि़ता की मां द्वारा याचिका दायर करने के बाद इस मामले में सुनवाई की गई। दरअसल अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम मनन ने उत्तर दिल्ली स्थित जहांगीरपुरी निवासी व्यक्ति को आरोप से बरी कर दिया।

इस मामले में यह कहा गया कि अभियोजन पक्ष उसके विरूद्ध लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा। दिल्ली के न्यायालय ने एक व्यक्ति को नाबालिग लड़के की अपहरण और बलात्कार के आरोप से मुक्त करते हुए कहा कि पति को अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। 

न्यायाधीश द्वारा कहा गया कि आरोपी व्यक्ति कानूनी तौर पर उस लड़की का पति है और उसे अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन पक्ष द्वारा जो बयान दिया गया है उसके अनुसार इस तरह के संबंध आपसी सहमति के आधार पर बनाए गए थे। न्यायालय द्वारा कहा गया कि पीडि़ता ने साफतौर पर कहा कि वह उसके सामने अपनी इच्छा से गई थी। न्यायालय द्वारा कहा गया कि वह अपनी इच्छा से ही गई थी।

जो भी हुआ उसकी मर्जी से ही हुआ। दरअसल आरोपी को भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत रेप और अपहरण के आरोपों के ही साथ बाल यौन अपराध संरक्षण कानून के अंतर्गत यौन उत्पीड़न के अपराध के आरोप में गिरफ्तार किया गया। न्यायालय ने कहा कि लड़की ने इस मामले में हलफनामा दायर किया था। जिसमें न्यायाधीश ने कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से लड़की को नाबालिग ठहराने वाली बात उनके द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज के आधार पर स्थापित नहीं होती है। 

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