अध्यादेश को मिली मंजूरी, दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र ने बनाया नया कानून

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण लगातार तेजी से अपने पैर पसार रहा है। इससे निपटने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। इसी क्रम में गुरूवार को वायु प्रदुषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अध्यादेश के जरिये एक नया कानून बनाया है जो तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है।

केंद्र सरकार ने गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि वह प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अध्यादेश लाई है और इसे जारी कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना एवं न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की पीठ को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान सॉलिसीटर जनरल जनरल तुषार मेहता ने इस अध्यादेश के बारे में जानकारी दी।

इस पर सुनवाई करते हुए पीठ ने कहा कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की वजह से हो रहे वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाये जाने के मामले में कोई निर्देश देने से पहले वह अध्यादेश देखना चाहेगी। पीठ ने कहा, हम कोई आदेश पारित करने से पहले अध्यादेश पर गौर करना चाहेंगे। याचिकाकर्ता भी इसे देखना चाहेंगे। अगले शुक्रवार को इसे सूचीबद्ध किया जाए।

न्यायालय ने 26 अक्टूबर को दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारक पराली जलाये जाने की रोकथाम के लिए पडोसी राज्यों द्वारा उठाये गए क़दमों की निगरानी के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लोकुर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति नियुक्त करने का अपना 16 अक्टूबर का आदेश सोमवार को निलंबित कर दिया था।

गौरतलब है, बुधवार को दिल्ली और फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता {एयर क़्वालिटी } इंडेक्स 300 से निचे गिरकर ख़राब श्रेणी में आ गया था। वहीँ एनसीआर के अन्य शहरों में एयर क़्वालिटी इंडेक्स 300 से ऊपर यानी बहुत ख़राब श्रेणी में चल रहा था। अगले दो दिनों के दौरान फिर से प्रदूषण बढ़ने के आसार हैं।


केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी एयर इंडेक्स के मुताबिक बुधवार को दिल्ली का एयर इंडेक्स 297 के अंक पर रहा जो की इस स्तर की हवा को ख़राब श्रेणी में रखा जाता है। फरीदाबाद का एयर इंडेक्स भी 297 ही रहा। वहीँ ग्रेटर नोएडा का 324, नोएडा का 301, गाजियाबाद का 317 एवं गुरुग्राम का एयर इंडेक्स 313 दर्ज किया गया था। इन सभी जगहों की हवा बहुत ख़राब श्रेणी में दर्ज की गयी थी।

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