
उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। सिंडिकेट का कथित किंगपिन शुभम जायसवाल अभी भी फरार है, जबकि उसका करीबी अमित टाटा (अमिताभ बच्चन उर्फ टाटा) पुलिस गिरफ्त में है।
अमित टाटा की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये का टर्नओवर, अंतरराज्यीय नेटवर्क और राजनीतिक-सामाजिक हस्तियों से कनेक्शन शामिल हैं।
धनंजय सिंह पर विपक्ष के आरोप, बाहुबली ने तोड़ी चुप्पी
पूर्वांचल के बाहुबली एवं पूर्व सांसद धनंजय सिंह और अमित टाटा की पुरानी नजदीकियों का हवाला देकर विपक्ष (खासकर कांग्रेस और सपा) ने धनंजय को सिंडिकेट का सरंक्षक बताया। कई दिनों की खामोशी के बाद धनंजय सिंह ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी कर पलटवार किया। उन्होंने कहा:
- “कुछ राजनीतिक विरोधी और पत्रकार बंधु मुझे बदनाम करने में लगे हैं।”
- “यह पूरा प्रकरण वाराणसी/काशी से जुड़ा होने के कारण कांग्रेस और अन्य दलों द्वारा माननीय प्रधानमंत्री जी की छवि खराब करने की साजिश है।”
- “चूंकि मामला अंतर्राज्यीय है, इसलिए मैं प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी से अनुरोध करता हूं कि इसकी जांच CBI से कराई जाए, ताकि सच सामने आए और झूठे आरोपों पर विराम लगे।”
डिप्टी सीएम केशव मौर्य का सख्त संदेश: “दूध का दूध, पानी का पानी होगा”
वाराणसी दौरे पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा:
- “प्रतिबंधित कफ सिरप मामले में जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”
- “मुख्य सरगना शुभम जायसवाल हो या कोई और, सत्ता से जुड़ा हो या नहीं – जांच पूरी होगी।”
- “जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, वही दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे। एक-एक अपराधी को पकड़ा जाएगा।”
अब तक का पूरा घटनाक्रम
| तारीख/घटना | विवरण |
|---|---|
| नवंबर 2025 | यूपी STF को खबर मिली कि प्रतिबंधित कोडीन सिरप का बड़ा नेटवर्क चल रहा है |
| 25-26 नवंबर | अमित टाटा की गिरफ्तारी, पूछताछ में शुभम जायसवाल का नाम सामने आया |
| 27-28 नवंबर | विपक्ष ने धनंजय सिंह पर संरक्षण देने का आरोप लगाया |
| 29 नवंबर (शनिवार) | धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया पर सफाई दी, CBI जांच की मांग की |
| 29 नवंबर | डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने वाराणसी में साफ कहा – किसी को बख्शा नहीं जाएगा |
सिंडिकेट की पहुंच और खतरा
- कोडीन युक्त सिरप का इस्तेमाल नशे के लिए किया जा रहा था।
- सिंडिकेट का टर्नओवर: कई सौ करोड़ का अनुमान।
- सप्लाई चेन: उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा तक।
- मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल अभी फरार, उसकी तलाश में कई टीमें लगी हैं।
यूपी पुलिस और STF ने दावा किया है कि अगले कुछ दिनों में और बड़ी गिरफ्तारियां होंगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी भी स्तर का दबाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





