नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस: दिल्ली कोर्ट ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला 16 दिसंबर तक टाला, सोनिया-राहुल समेत नामितों को राहत

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के फैसले को शनिवार (29 नवंबर 2025) को टाल दिया। स्पेशल जज विशाल गोग्ने ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रखते हुए फैसला 16 दिसंबर के लिए स्थगित कर दिया।

यह सुनवाई सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा और अन्य नामितों के वकीलों की दलीलों के बाद हुई, जहां BNSS की धारा 223 के तहत आरोपी को सुनवाई का अधिकार सुनिश्चित किया गया। कोर्ट ने PMLA की धाराओं के साथ प्रक्रियागत निष्पक्षता को संतुलित करने पर जोर दिया।

केस का बैकग्राउंड और ED के मुख्य आरोप

यह मामला 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ, जो एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की संपत्तियों के कथित दुरुपयोग पर केंद्रित है। AJL नेशनल हेराल्ड अखबार का प्रकाशक था, जो अब बंद हो चुका है।

ED का दावा है कि कांग्रेस नेताओं ने यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YI) के जरिए साजिश रची, जहां सोनिया और राहुल गांधी के पास प्रत्येक 38% शेयर हैं। उन्होंने पार्टी के लोन के बदले 50 लाख रुपये में 2000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां हथिया लीं, जिसमें फर्जी किराया रसीदें और नकली लेन-देन शामिल थे। ED ने YI को ‘पपेट’ कंपनी बताते हुए गांधी परिवार को 142 करोड़ रुपये का व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।

मुख्य आरोपी और स्टार वकीलों की टीम

चार्जशीट PMLA की धारा 44 और 45 के तहत दाखिल की गई है, जो IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 406 (विश्वासघात) जैसे पूर्व अपराधों से जुड़ी है। नामित आरोपी हैं:

  • सोनिया गांधी
  • राहुल गांधी
  • सैम पित्रोदा
  • सुमन दुबे
  • स्वर्गीय मोतीलाल वोरा
  • ऑस्कर फर्नांडिस
  • यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड
  • डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड
  • सुनील भंडारी

कानूनी प्रतिनिधित्व में सोनिया के लिए अभिषेक मनु सिंघवी, राहुल के लिए आरएस चीमा, डोटेक्स के लिए प्रमोद दुबे, सुमन दुबे के लिए सुशील बजाज, यंग इंडियन के लिए माधव खुराना और ED के लिए एएसजी एसवी राजू शामिल हैं।

हालिया कार्यवाही और BNSS का ‘सुनवाई का अधिकार’

7 नवंबर को जज गोग्ने ने ED की फंड फ्लो स्पष्टीकरण के बाद आदेश सुरक्षित रखे थे। कोर्ट ने BNSS की धारा 223 के तहत आरोपी को संज्ञान लेने से पहले सुनवाई का अधिकार माना, जो निष्पक्ष ट्रायल सुनिश्चित करता है। ED ने जल्दबाजी में जवाब देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। आज की सुनवाई में PMLA के साथ प्रक्रियागत सुरक्षा को संतुलित किया गया, जो पूर्व अपराध केस के साथ चल रही ट्रायल का हिस्सा है।

बचाव पक्ष का जवाब और स्थगन के निहितार्थ

कांग्रेस नेताओं ने आरोपों को “अजीब” और “अभूतपूर्व” बताया, पूर्व आयकर क्लीयरेंस का हवाला देते हुए कहा कि कोई फंड फ्लो नहीं था। 16 दिसंबर तक का स्थगन इस दशक पुरानी सागा में अनिश्चितता बढ़ाता है। ED का कहना है कि गांधी परिवार को YI के जरिए व्यक्तिगत लाभ हुआ, जबकि बचाव पक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है। फैसला आने तक आरोपी समन से बचेंगे।

आरोपी का नामसंबंध/कंपनीवकील का नाम
सोनिया गांधीकांग्रेस नेताअभिषेक मनु सिंघवी
राहुल गांधीकांग्रेस नेताआरएस चीमा
सैम पित्रोदापूर्व सलाहकार
सुमन दुबेYI निदेशकसुशील बजाज
यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेडमुख्य कंपनीमाधव खुराना
डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेडलिंक्ड कंपनीप्रमोद दुबे
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