
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में दिल्ली हाईवे पर तिलहर क्षेत्र के भेदपुर गांव के पास एक बेहद हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कैंची धाम के दर्शन के लिए निकले रिश्ते के मामा-भांजे की एक भीषण सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब सड़क पर अचानक आए एक कुत्ते को बचाने के प्रयास में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई और करीब 10 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार निजी बस ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। इस खौफनाक हादसे में भांजे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल मामा की राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मौत हो गई।
मृतकों की पहचान आरसी मिशन थाना क्षेत्र के कनेंग गांव निवासी 24 वर्षीय सोमेश शुक्ला और उनके रिश्ते के मामा, हरदोई जिले के मल्लावां थाना क्षेत्र के राघवपुर गांव निवासी 23 वर्षीय मोहित अवस्थी उर्फ अंकित के रूप में हुई है। घटना शनिवार तड़के की है। उनके साथ दूसरी बाइक पर मौसेरा भाई राजकमल अग्निहोत्री और चचेरा भाई नितिन शुक्ला भी सफर कर रहे थे।
राजकमल के अनुसार, शुक्रवार को मोहित उनके घर आए थे और शनिवार सुबह करीब पांच बजे चारों लोग दो बाइकों पर सवार होकर कैंची धाम के लिए निकले थे। भेदपुर गांव के पास यह दुखद घटना घटित हुई, जिसे अपनी आंखों के सामने देखकर पीछे आ रहे राजकमल और नितिन पूरी तरह बदहवास हो गए और उन्होंने तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) तिलहर विदुष सक्सेना ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद विधिवत रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में यह बात सामने आई है कि दुर्घटनाग्रस्त बस अयोध्या से महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 50 सवारियों को लेकर हरिद्वार जा रही थी और इसका चालक गुजरात का रहने वाला है।
घटना के बाद बस में सवार अन्य यात्रियों को दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। हादसे में हेलमेट को लेकर एक विरोधाभास भी है; परिजनों का कहना है कि सोमेश घर से हेलमेट लेकर निकला था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल पर दोनों में से किसी के भी पास हेलमेट नहीं मिला।
इस अप्रत्याशित और भीषण घटना ने दो हंसते-खेलते परिवारों को जीवन भर का ऐसा गहरा जख्म दे दिया है जो कभी नहीं भर पाएगा। मोहित ने बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई की थी और उनके पिता विजय शंकर अवस्थी एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। युवा बेटे की मौत से उनके परिवार में मातम पसरा है। दूसरी ओर, बीए तक की शिक्षा प्राप्त सोमेश अपने परिवार की रीढ़ था और घर की बड़ी जिम्मेदारियां उसी के युवा कंधों पर थीं।
परिवार के बड़े बेटे सोमेश के असामयिक निधन से उनकी मां अनीता और छोटे भाई कामेश का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमॉर्टम हाउस पर दोनों युवाओं के शव देखकर परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया और सांत्वना देने पहुंचे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं।




