
उत्तराखंड में बीती रात से हो रही मूसलधार बारिश ने पूरे प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। चारधाम यात्रा मार्गों पर बार-बार मलबा आने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। केदारनाथ राजमार्ग शुक्रवार को सुचारू रहा, लेकिन बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं।
कहां-कहां बंद हैं रास्ते?
बद्रीनाथ हाईवे कालेश्वर के पास भारी मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग हेलगुगाड़, नालूपानी और गंगनानी के पास मलबा गिरने से बंद है। यमुनोत्री मार्ग दुर्बिल और स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन की चपेट में आ गया है। इन मार्गों को खोलने का काम तेजी से चल रहा है।
कोटद्वार क्षेत्र में रातभर रुक-रुककर हुई बारिश के कारण बुवाखाल-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया। सतपुली-गुमखाल के बीच सड़क पर मलबा गिरा, जिसे मशीनों से हटाया गया। पौड़ी जिले में शाम और रात की भारी बारिश से 9 अलग-अलग मोटर मार्गों पर मलबा आने से यातायात ठप हो गया।
नदियां उफान पर, बिजली-पानी बाधित
रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के बीच अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहा है। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से लोगों को नदी तटों से दूर रहने की सलाह दी है। फिलहाल गंगानगर और गौरीकुंड में जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है।
पौड़ी के पाबौ के सैंजी गांव में पानी की लाइन टूटने से जलापूर्ति ठप हो गई। यमकेश्वर ब्लॉक के बघाला और द्वारिखाल ब्लॉक के तुनाखाल-ग्विन बड़ा में बिजली लाइनों में फॉल्ट आने से दर्जनों गांव अंधेरे में डूब गए। गंगा, यमुना, टौंस, गोमती और सरयू समेत कई नदियां उफान पर हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करें। पिथौरागढ़ की तहसील तेजम में फिलहाल हल्की वर्षा हो रही है।




