
पटना में राजद के लोकभवन मार्च के दौरान पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को हिरासत में ले लिया। मार्च को रोकने के लिए डाक बंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन राजद कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
राजद छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी और सिवान में एके-47 से हुई फायरिंग के विरोध में यह मार्च निकाल रही थी। कार्यकर्ता एके-47 के कटआउट लेकर पहुंचे थे। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन कार्रवाइयों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि जनता सड़कों पर है और सब समझती है।
राजद सांसद मीसा भारती भी मार्च में शामिल रहीं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि छात्रों के खिलाफ एके-47 का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने सवाल किया कि एके-47 की अनुमति किसने दी और अगर डीएम ने दी तो उन्हें भी सस्पेंड किया जाना चाहिए। मीसा ने बिहार सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
पटना में छात्र पहले से ही बीपीएससी टीआरई-4 को लेकर आंदोलनरत हैं। विज्ञापन जारी हो चुका है, लेकिन प्रीलिम्स और मेंस में निगेटिव मार्किंग के मुद्दे पर छात्र अड़े हुए हैं और इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
लोकभवन मार्च को देखते हुए पटना ट्रैफिक पुलिस ने दिशा-निर्देश जारी किए। पटना जंक्शन और पटना स्टेशन से डाकबंगला चौराहे की ओर जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई है। पुलिस ने सभी से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।



