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दिमाग हीं नहीं आपकी गर्दन पर भी अटैक करते हैं चाय और कैफीन

सर्वाइकललखनऊ। गर्दन में होने वाले दर्द को आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं, लेकिन यह दर्द बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गर्दन में दर्द किसी भी उम्र के महिला, पुरुष और बच्चों को हो सकता है।

आज की जीवनशैली में ऑफिस से लेकर घर तक, ज्यादातर लोग दिनभर कुर्सी पर बैठे रहते हैं। ये छोटी सी आदत कई बार गंभीर रोगों को बुलावा दे सकती है।

दिन भर बैठे रहने की वजह से सर्वाइकल पेन यानी गर्दन का दर्द हो सकता है। इसके लिए डॉक्टरी सलाह तो जरूरी है ही, साथ ही घरेलू नुस्खों से भी इस दर्द से आराम पाया जा सकता है।

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क्या है सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस

गर्दन का दर्द, जो सर्वाइकल को प्रभावित करता है, वह सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस कहलाता है। यह गर्दन के निचले हिस्से, दोनों कंधों, कॉलर बोन तक पहुंचता है। इससे गर्दन घुमाने में परेशानी होती है। कमज़ोर मासपेशियों के कारण, हाथों को उठाना मुश्किल होता है।

इसके लक्षण

  • सर के पीछे दर्द का होना।
  • घुमाने पर गर्दन में पिसने की आवाज़ आना।
  • चक्कर आना।
  • कंधों में जकड़न।
  • हाथे सुन्न होना।
  • गर्दन में सूजन
  • बुखार, थकान आना
  • भूख न लगना

क्या करें

  • बैठते समय गर्दन को सीधा रखें।
  • गाड़ी चलाते समय पीठ को सीधा रखें।
  • गद्दे की बजाय तख्त पर सोये।
  • नर्म व कम ऊंचाई वाले तकिये का प्रयोग करें।
  • विटामिन डी और कैल्शियम से भरपूर भोजन करें।

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क्या न करें

  • धुम्रपान।
  • चाय और कैफीन का सेवन।
  • गर्दन झुकाकर न बैठें।
  • लेटकर टीवी न देखें।
  • लगातार कंप्यूटर पर न बैठें।

मोशन एक्सरसाइज करें

  • सिर को कंधे की ओर बाईं और दाईं तरफ झुकाएं।
  • अपनी ठुड्डी को नीचे की तरफ झुकाएं, फिर ऊपर ले जाएं।
  • सिर को क्रम वार बाईं और दाईं ओर कान की तरफ मोड़ें।

हल्दी

यह नैचुरल पेन किलर है। सूजन को भी कम करती है। हल्दी ब्लड सर्कुलेशन को तेज करती है इसलिए इसके सेवन से दर्द में राहत मिलती है। इससे गर्दन की अकड़ भी कम होती है। अगर आपको सर्वाइकल पेन है तो एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी डालकर उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा करके इसमें एक चम्मच शहद मिला लें। इसे रोज दिन में दो बार पीने से गर्दन के साथ-साथ शरीर के किसी भी दर्द में राहत मिलती है।

तिल

तिल में कैल्शियम, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, फॉस्फोरस, विटामिन डी और विटामिन होता है इसलिए हड्डियों के लिए फायदेमंद है। सर्वाइकल पेन से निजात पाने के लिए तिल के तेल को गुनगुना करके इससे रोज मालिश करें।

लहसुन

सरसों, तिल या अरंडी के तेल में लहसुन की तीन चार कलियों को काटकर भून लें। भूनने के बाद इस तेल से लहसुन निकालकर खा सकते हैं। लहसुन के साथ पके इस तेल से दर्द वाली जगह पर मालिश करने से भी सर्वाइकल के दर्द में राहत मिलती है। सुबह खाली पेट लहसुन की दो कली गुनगने पानी के साथ खाएंगे तो आपको सर्वाइकल पेन नहीं होगा।

सिंकाई

इस दर्द से कई बार सूजन आ जाती है। ऐसे में एक लीटर पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गुनगुना कर एक बोतल में भर लें। इस पानी में तौलिया भिगाकर तौलिये से ही सिंकाई करने से दर्द में आराम मिलता है।

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