
सोनभद्र में पशु तस्करी के एक बड़े नेटवर्क और करोड़ों रुपये के संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के हाथों में आ गई है। प्रयागराज स्थित ईडी इकाई ने सोनभद्र पुलिस से पशु तस्करों के बैंक खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन का विस्तृत ब्योरा मांगा है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैले इस तस्करी नेटवर्क के करीब 20 बैंक खातों में 80 से 100 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है, जिसके बाद ईडी ने इस मामले का संज्ञान लिया और अपनी जांच शुरू कर दी है।
ईडी ने मांगा 20 बैंक खातों का विस्तृत विवरण
प्रवर्तन निदेशालय ने सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर गिरफ्तार किए गए पशु तस्करों के बैंक खातों, डिजिटल भुगतान और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। स्थानीय पुलिस फिलहाल इन दस्तावेजों को तैयार कर ईडी को सौंपने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। इस बड़े मामले में पुलिस की तरफ से अब तक 11 पशु तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके साथ ही, गिरोह के छह आरोपियों पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई की है।
कई राज्यों में फैला है तस्करी का बड़ा नेटवर्क
पुलिस की गहन जांच में यह साफ हुआ है कि इन पशु तस्करों का यह अवैध नेटवर्क केवल उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली और वाराणसी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक गहरे जुड़े हुए हैं। पुलिस के अनुसार, एक गिरोह बिहार से पश्चिम बंगाल तक इस रैकेट का संचालन कर रहा था, जबकि दूसरा गिरोह बिहार से झारखंड के बीच पूरी तरह सक्रिय था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में काम कर रही पुलिस टीम ने इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।
राजा कुरैशी के खाते से करोड़ों का लेनदेन उजागर
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि पशुओं की खरीद, उनके परिवहन और उन्हें स्लाटर हाउस (बूचड़खाने) तक पहुंचाने वाले गिरोह के सदस्यों के बीच करोड़ों रुपये का भारी भरकम लेनदेन हुआ है। पश्चिम बंगाल के हुगली जिले (पंडुआ थाना क्षेत्र के बलिहट्टा) के निवासी और गिरफ्तार पशु तस्कर राजा कुरैशी के बैंक खाते की जांच में ही करीब ढाई करोड़ रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने जानकारी दी कि गिरफ्तार किए गए सभी 11 तस्करों से जुड़े लगभग 20 बैंक खातों में 80 से 100 करोड़ रुपये के लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। अब ईडी इस पूरे आर्थिक साम्राज्य और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से मामले की गहराई से जांच करेगी।




