SBI की हालिया रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में मंदी के और गहराने का अनुमान किया व्यक्त

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की हालिया रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2020-21 में अर्थव्यवस्था में मंदी के और गहराने का अनुमान व्यक्त किया गया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट में पहले के अनुमान में संशोधन किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में वास्तविक विकास दर (-) 10.9 फीसद पर रह सकती है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 फीसद के संकुचन का आंकड़ा सामने आने के बाद स्टेट बैंक ने अनुमान में यह संशोधन किया है। इससे पहले के अनुमान में स्टेट बैंक ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में 6.8 फीसद के संकुचन की बात कही थी। 

उल्लेखनीय है कि जनवरी से मार्च तिमाही में जीडीपी वृद्धि की रफ्तार 3.1 फीसद पर रही थी। वहीं पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि की रफ्तार 5.2 फीसद पर रही थी। 

एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट ‘Ecowrap’ में कहा गया है, ”हमारे आरंभिक अनुमान इस बात की ओर इशारा करते हैं कि चालू वित्त वर्ष की सभी चार तिमाहियों में जीडीपी वृद्धि की रफ्तार नकारात्मक अंकों में रहेगी। पूरे साल की बात की जाए तो इसमें दोहरे अंकों में (10.9 फीसद) के आसपास का संकुचन देखने को मिल सकता है।”

स्टेट बैंक का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में जीडीपी की रफ्तार (-) 12 फीसद से (-) 15 फीसद के बीच, तीसरी तिमाही में (-) 5 फीसद से (-) 10 फीसद के बीच रह सकती है। इसी तरह चौथी तिमाही के लिए (-) 2 फीसद से (-) 5 फीसद के बीच का अनुमान जताया गया है।  

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 की वजह से लागू देशव्यापी लॉकडाउन के कारण देश की GDP में 23.9 फीसद का संकुचन देखने को मिला। एसबीआई रिपोर्ट में पहली तिमाही के जीडीपी के आंकड़े को बाजार के अनुमान से भी कमजोर करार दिया गया है। 

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