Thursday , September 20 2018

प्रापर्टी डीलर ने साजिश कर महिला से किया गैंगरेप, थाने पहुंचने पर पीड़िता को पुलिस ने बांटा ज्ञान

रिपोर्ट- शिवा शर्मा

बुलंदशहर। एक तरफ उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने की कोशिश कर रही है  तो वही लखनऊ पुलिस इस कोशिश में नाकाम साबित हो रही है । इंदिरानगर के बाद बीती रात पीजीआई थानाक्षेत्र में भी गैंगरेप की वारदात सामने आई है। मामले में पहले तो 1 घण्टे तक पीड़िता 1090 और 100 नंबर पर सम्पर्क करने की कोशिश करती रही उसके बाद करीब 2 घंटे बाद जब पुलिस से संपर्क हुआ तो रेप मुकदमे को छेड़छाड़ लिखाने का दबाव बनाया गया साथ ही महिलाओं के साथ अभद्रता भी की गई। एसपी नार्थ अनुराग वत्स अपने क्षेत्र की अभी पुरानी घटनाओं के खुलासे भी नही कर पा रहे है कि रोज़ कोई न कोई नई घटना सामने आ रही है।

प्लॉट देखने गई महिला के साथ गैंगरेप

राजधानी पुलिस भले ही महिला सुरक्षा के कितने दावे क्यों न कर ले लेकिन ये दावे फेल होते नज़र आ रहे हैं। लखनऊ में प्लॉट दिखाने के बहाने महिला के साथ गैंग रेप की घटना सामने आई है जहां दो महिलाओं को प्रापर्टी डीलर और उसके साथियों ने प्लॉट दिखाने के बहाने अपनी हवस का शिकार बनाया। प्रापर्टी डीलर के इस घिनौनी करतूत से एक महिला तो किसी तरह अपनी आबरू बचा कर भाग आयी लेकिन दूसरी महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम देकर बलात्कारी फरार हो गए।

वही आज महिला को पुलिस मेडिकल परीक्षण के लिए वीरांगना झलकारी बाई महिला अस्पताल ले आयी और पुलिस बलात्कारियों की तलाश में जुट गई।

बीते दिनों इंदिरा नगर में हुई गैंगरेप की घटना के बाद राजधानी में एक सप्ताह के अंदर यह दूसरा मामला पीजीआई थाना क्षेत्र में सामने आया है। जहां प्रॉपर्टी दिखाने के नाम पर प्रॉपर्टी डीलर और उसके गुर्गो ने दो महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाना चाहा लेकिन बलात्कारी  एक महिला को अपनी हवस का शिकार बनाने के सफल हो गए लेकिन दूसरी महिला ने जैसे तैसे भाग कर अपनी जान बचाई और शोर मचा कर स्थानीय लोगो व पुलिस को बुलाने में कामयाब हो गयी। वही मौक़ा पाकर आरोपी फरार हो गए।

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वही गैंग रेप पीड़िता की सहेली ने बताया कि वो प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए कई बार वहां जा चुकी हैं जहां प्रॉपर्टी डीलर राम सागर और उसके साथियों ने उनके साथ जबरदस्ती की। इसकी सूचना उन्होंने 1090 और डायल 100 को दी लेकिन पुलिस घटना के दो ढाई घण्टे के बाद पहुंची। वह जैसे तैसे जान बचा कर वहां से भागी गयी।

इन पीड़ित महिलाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार पुलिस ने किया है उससे साफ पता चलता है कि महिलाओ को किस तरह का सुरक्षित माहौल लखनऊ की पुलिस देने की कोशिश कर रही है।

 

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